फडणवीस ने एसआईआर का किया बचाव : वोट चोरी के दावों को किया खारिज, कहा- पारदर्शिता के साथ किया विशेष प्रक्रिया का संचालन
मतदाता सूची की गहन जांच करना बेहद आवश्यक
मुंबई। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर महाराष्ट्र में भीषण राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। विपक्षी दलों ने आक्रामक प्रदर्शन करते हुए बड़े पैमाने पर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। देवेंद्र फडणवीस ने सरकार का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री एक्स पर विपक्ष को करारा जवाब देते हुए कहा कि एक सटीक और अद्यतन मतदाता सूची विश्वसनीय लोकतंत्र की बुनियादी नींव है और इस विशेष प्रक्रिया का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। वर्ष 1952 से चले आ रहे ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला देते हुए फडणवीस ने विपक्ष के विरोध को महज राजनीतिक पैंतरेबाजी करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेजी से होते शहरीकरण, किरायेदारों के स्थानांतरण और जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण समय-समय पर मतदाता सूची की गहन जांच करना बेहद आवश्यक है।
यह विवाद 31 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद और गहरा गया, जिसमें राज्य के कुल मतदाताओं की संख्या 9.78 करोड़ से घटकर 7.71 करोड़ पर आ गई। घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान गणना फॉर्म प्राप्त न होने के कारण 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराव (एएसडीडी) श्रेणी में डाल दिए गए। राज्य प्रशासन और चुनाव आयोग दोनों का समर्थन करते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि गहन पुनरीक्षण चुनावी व्यवस्था का एक मानक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को मताधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि विसंगतियों को दूर करना है।

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