चुनाव की तारीख सरकार अपनी राजनीतिक सुविधा से तय नहीं कर सकती, गोवा नगर परिषद चुनावों पर हाईकोर्ट ने सुनाया अहम
नगर निकाय चुनाव समय सीमा में कराने के निर्देश
पणजी। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने नगर निकाय चुनावों में देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी नसीहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक रूप से निर्धारित अवधि वाले चुनावों की तारीख सरकार अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार तय नहीं कर सकती। कोर्ट ने गोवा की 11 नगर परिषदों के लंबित चुनाव जल्द कराने के लिए अधिकारियों को तय समयसीमा में पूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस हितेन वेणुगावकर की पीठ ने गोवा म्यूनिसिपैलिटीज (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। अदालत ने अध्यादेश की संवैधानिक वैधता बरकरार रखी। इसके तहत नगर परिषदों के वार्ड परिसीमन और आरक्षण से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया था।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि नगर परिषदों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए कानूनी प्रावधान लागू करने के नाम पर चुनाव टालना संविधान के अनुच्छेद 243U का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि नए कानून या चुनावी प्रावधान लागू होने से सरकार को चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त संवैधानिक समय नहीं मिल जाता। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता पर भी जोर दिया और कहा कि सरकार तथा आयोग को अपने-अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए चुनाव प्रक्रिया समय पर पूरी करनी चाहिए।

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