असमानता और असहिष्णुता को बढ़ावा दे रही भाजपा : केंद्र सरकार की एजेंट बनकर काम कर रहे राज्यपाल, खड़गे ने कहा- सछ्वावना की रक्षा के लिए खड़े होने वाले युवक पर किया मुकदमा
आम आदमी रक्षा के लिए कहां जाएगा
गैर राजग शासन वाले राज्यों में राजभवन भाजपा आरएसएस के दफ्तर बन गए हैं। राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंट की तरह काम करते हैं।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में असहिष्णुता तेजी से बढ़ रही है और भाजपा आरएसएस असमानता को बढ़ावा दे रहे हैं। खड़गे ने कहा कि कि देश में असमानता लगातार बढ़ रही है और केवल एक फ़ीसदी लोगों के पास देश की 40 प्रतिशत संपत्ति सिमट कर रह गई है। राज्यपाल केंद्र सरकार की एजेंट बनकर काम कर रहे हैं और जिन राज्यों में भाजपा का शासन है वहां असहिष्णुता तेजी से फैल रही है। खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर उत्तराखंड की एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने एक युवक मोहम्मद दीपक पर मुकदमा दर्ज किया। जो सछ्वावना की रक्षा के लिए खड़ा हुआ था। अगर रक्षक ही भक्षक बन जाएगा, तो आम आदमी रक्षा के लिए कहां जाएगा। जो शख्स झगड़ा सुलझाने के लिए जाता है, भाजपा के लोग उसी को धमकाते और मारते हैं। इसीलिए मैं कहता हूं भाजपा के पास सहिष्णुता नहीं है।
उन्होंने कहा कि गैर राजग शासन वाले राज्यों में राजभवन भाजपा आरएसएस के दफ्तर बन गए हैं। राज्यपाल केंद्र सरकार के एजेंट की तरह काम करते हैं। कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल, हर जगह राज्यपालों ने कैबिनेट से पारित भाषणों से इंकार किया और विधेयकों को रोकने जैसे कदम उठाए। खड़गे ने कहा कि भाजपा आरएसएस के मन में बराबरी की बात कभी नहीं रही है। उनकी सोच अमीरों को और अमीर बनाना और गरीबों को और गरीब बनाना है। उन्होंने वैश्विक असमानता रिपोर्ट 2026 का हवाला दिया, जिसके अनुसार भारत में टॉप एक प्रतिशत लोगों के पास देश की लगभग 40 प्रतिशत कुल संपति सिमटी चुकी है, टॉप 10 प्रतिशत दो-तिहाई यानी 65 प्रतिशत हाउसहोल्ड एसेट के मालिक हैं,आय के स्तर पर भी टॉप 10 प्रतिशत अकेले 58 प्रतिशत राष्ट्रीय आय ले जा रहा है, जबकि सबसे नीचे के स्तर 50 प्रतिशत को सिर्फ 15 प्रतिशत पर छोड़ दिया गया है। आपकी विकास की सोच पसंदीदा, चुनिंदा पूंजीपतियों के लिए है। मेहनतकश लोगों की दिक्कतों से आपका कोई मतलब नहीं। यही आपका विकसित भारत है। नौजवानों की पीड़ा से इस सरकार को कोई मतलब नहीं।

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