ईरान के साथ समझौता न हो तो बेहतर : बातचीत विफल रही तो अमेरिका उठाएगा कठोर सैन्य कदम, ट्रंप बोले- ईरान को उड़ा देंगे
साफ कहूं तो शायद बिना किसी समझौते के हम बेहतर स्थिति में हों
ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाया। उन्होंने कहा, अमेरिका की शर्तें न मानी गईं तो बिना समझौते रहना बेहतर होगा। बातचीत विफल होने पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी। ईरानी जहाज जब्ती का जिक्र करते हुए बोले—“हम कुछ हद तक समुद्री लुटेरों जैसे थे।”
वेस्ट पाम बीच। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के साथ समझौता न हो तो वही अमेरिका के लिये बेहतर होगा। ट्रंप ने शुक्रवार शाम यहां एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए संकेत दिया कि यदि बातचीत अमेरिका की शर्तों के अनुरूप नहीं होती, तो समझौता न होना भी बेहतर हो सकता है। उन्होंने कहा, साफ कहूं तो शायद बिना किसी समझौते के हम बेहतर स्थिति में हों। सच जानना चाहते हैं? क्योंकि हम इसे ऐसे ही जारी नहीं रहने दे सकते। यह बहुत लंबे समय से चल रहा है। इससे पूर्व, ट्रंप ने फ्लोरिडा रवाना होने से पहले मीडिया से कहा था कि संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से ईरान के नवीनतम प्रस्ताव से वह संतुष्ट नहीं हैं। कार्यक्रम में उन्होंने दोहराया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोई समझौता होगा या नहीं, लेकिन यदि बातचीत विफल रही तो अमेरिका कठोर सैन्य कदम उठा सकता है।
ट्रंप ने कहा, वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखते हैं क्या होता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि बातचीत असफल रही, तो वह ईरान को उड़ा देंगे। ईरानी कार्गो जहाज की हालिया जब्ती का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने अमेरिकी कार्रवाई का वर्णन असामान्य अंदाज में किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने जहाज को रोका, फिर टगबोट्स की मदद से नियंत्रण में लिया और उस पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा, जहाज रुक गया। उन्होंने टगबोट्स का इस्तेमाल किया, फिर हम उसके ऊपर उतरे। हमने कार्गो ले लिया, तेल ले लिया। इसके बाद ट्रंप ने टिप्पणी की, हम कुछ हद तक समुद्री लुटेरों जैसे थे।

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