कच्चे तेल में तेजी : रुपया 44 पैसे टूटा, 96.25 रुपये प्रति के ऐतिहासिक निचले स्तर पर
पिछले कुछ समय से दबाव में रुपया
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से रुपये पर दबाव बढ़ गया। सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 44 पैसे टूटकर पहली बार 96.25 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड 1.8% चढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल हो गया। भारत के भारी तेल आयात के चलते बढ़ता आयात बिल रुपये की कमजोरी की बड़ी वजह बना।
मुंबई। कच्चे तेल में जारी तेजी के कारण अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में शुरुआती कारोबार में रुपया सोमवार को 44 पैसे टूट गया और पहली बार एक डॉलर 96.25 रुपये का बोला गया। पिछले कारोबारी दिवस पर भारतीय मुद्रा 17 पैसे की गिरावट में 95.81 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी। बीच कारोबार में इसका निचला स्तर 96.14 रुपये प्रति डॉलर रहा था। रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। यह 38 पैसे नीचे 96.18 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। फिलहाल यह 96.25 रुपये प्रति डॉलर तक टूट चुका है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी रही। कच्चे तेल का मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.8 फीसदी की बढ़त के साथ 111 डॉलर प्रति बैरल हो गया। इससे रुपये पर दबाव रहा। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए कच्चे तेल के दाम बढऩे से देश का आयात बिल बढऩे की आशंका है जिस पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी होगी। यही कारण है कि रुपया पिछले कुछ समय से दबाव में है।

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