आरजीएचएस में बड़े बदलाव की तैयारी: अब इंश्योरेंस आधारित कैशलैस मॉडल पर मंथन, भ्रष्टाचार और लीकेज रोकने पर फोकस
योजना में कई तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही
राजस्थान सरकार आरजीएचएस योजना में बड़े बदलाव पर विचार कर रही। लगातार फर्जी बिलिंग, अनियमितताओं और वित्तीय लीकेज के कारण योजना को डायरेक्ट पेमेंट मॉडल से थर्ड पार्टी इंश्योरेंस आधारित कैशलैस मॉडल में बदला जा सकता है।
जयपुर। राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी सरकारी स्वास्थ्य योजना आरजीएचएस (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलैस इलाज उपलब्ध कराने वाली इस योजना में लगातार सामने आ रही खामियों, फर्जी बिलिंग, अनियमितताओं और करोड़ों रुपए के वित्तीय लीकेज को देखते हुए सरकार अब इसे इंश्योरेंस आधारित कैशलैस मॉडल में बदलने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार वर्तमान डायरेक्ट पेमेंट मॉडल की बजाय थर्ड पार्टी इंश्योरेंस मॉडल लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत किसी निजी मेडिकल इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलैस इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है। यानी अस्पतालों के भुगतान, क्लेम सेटलमेंट और पैकेज मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी बीमा कंपनी के पास होगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने भी हाल ही में दिए संकेतों में माना कि आरजीएचएस योजना में कई स्तरों पर सुधार की जरूरत है और सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर इसको लेकर प्रारंभिक मंथन शुरू हो चुका है। वर्तमान व्यवस्था पर उठते रहे सवाल आरजीएचएस योजना के तहत राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके आश्रित सूचीबद्ध निजी एवं सरकारी अस्पतालों में कैशलैस इलाज की सुविधा लेते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से इस योजना में कई तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

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