ब्रिक्स मंच पर दिखेगी भारत की डीप-टेक ताकत, 37 स्टार्टअप पेश करेंगे नवाचार और वैश्विक साझेदारी के अवसर

भारतीय अनुसंधान एवं नवाचारों को वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों से जोड़ना

ब्रिक्स मंच पर दिखेगी भारत की डीप-टेक ताकत, 37 स्टार्टअप पेश करेंगे नवाचार और वैश्विक साझेदारी के अवसर
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तहत भारत मंडपम में 'ब्रिक्स भारत इनोवेट्स' प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। शिक्षा और विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में भारत के 37 डीप-टेक स्टार्टअप भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य भारतीय अनुसंधान एवं नवाचारों को वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों से जोड़ना है।

नई दिल्ली। भारत की डीप-टेक नवाचार क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए 'ब्रिक्स भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी' का आयोजन 11 और 12 सितंबर को यहाँ भारत मंडपम में किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके और विदेश मंत्रालय के समन्वय से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत की अध्यक्षता में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साथ आयोजित किया जा रहा है।

मंत्रालय ने कहा कि प्रदर्शनी में भारत के 37 डीप-टेक स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्यम हिस्सा ले रहे हैं। ये सभी वर्ष 2026 में आयोजित भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल 120 स्टार्टअप और उद्यमों के समूह में से चुने गये हैं। प्रदर्शनी की थीम भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के मूल विषय ,बिल्डिंग फॉर रेजिलियेंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन, एंड सस्टेनेबिलिटी, के अनुरूप रखी गयी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी तथा ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के प्रदर्शनी का दौरा करने की उम्मीद है।

यह प्रदर्शनी 11 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ हो रही है। इसके माध्यम से भारतीय नवोन्मेषकों को ब्रिक्स देशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, निवेशकों, कारोबारी नेताओं और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। इससे प्रौद्योगिकी साझेदारी, निवेश, कारोबारी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के लिए नये अवसर बनने की संभावना है। फिक्की, सीआईआई और एसोचैम के समन्वय से बी2बी बैठकों और संपर्क कार्यक्रमों की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है।

'भारत इनोवेट्स' शिक्षा मंत्रालय का राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारतीय उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र से निकलने वाले नवाचारों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। इसके तहत स्टार्टअप, उच्च शिक्षण संस्थानों, प्रयोगशालाओं और रिसर्च पार्कों को कंपनियों, निवेशकों, विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों तथा सरकारों जैसे वैश्विक हितधारकों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। मंत्रालय के अनुसार ब्रिक्स भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी इसी प्रयास को आगे बढ़ाते हुए भारतीय डीप-टेक नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक और सहयोगात्मक अवसरों से जोड़ने का मंच प्रदान कर रही है।

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