लेबनान में युद्धविराम के बाद मारे गए 23 बच्चे, यूनिसेफ ने कहा- हिंसा और बच्चों के मानसिक तनाव को बढ़ा रहे हमले
हमले में 2 बच्चों और उनकी मां की मौत
लेबनान में बच्चों पर युद्ध का कहर: यूनिसेफ के मुताबिक, 17 अप्रैल के युद्धविराम के बाद भी 23 बच्चों की मौत और 93 घायल हुए हैं। 2 मार्च से अब तक 200 बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि 806 घायल हैं। लगातार हमलों से करीब 7.7 लाख बच्चे मानसिक तनाव झेल रहे हैं, बावजूद इसके संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा।
न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने कहा है कि 17 अप्रैल से लागू युद्धविराम के बाद से लेबनान में कम से कम 23 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 93 बच्चे घायल हुए हैं। यूनिसेफ ने बुधवार को जारी बयान में कहा, स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीजफायर शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 23 बच्चे मारे गए और 93 घायल हुए हैं। दो मार्च से अब तक कुल 200 बच्चों की मौत और 806 बच्चे घायल हुए हैं, यानी औसतन हर दिन लगभग 14 बच्चे मारे गए या फिर घायल हुए हैं। बयान में यह भी कहा गया कि पिछले सात दिनों में ही लेबनान में हमलों में मारे गये और घायल बच्चों की संख्या 59 पहुंच गयी हैं। मंगलवार सुबह बेरूत के दक्षिण में एक कार पर हुए हमले में दो बच्चों और उनकी मां की मौत हुई है।
संगठन ने कहा कि लगातार हो रहे हमले और हिंसा बच्चों के मानसिक तनाव को और बढ़ा रहे हैं। यूनिसेफ के अनुमान के मुताबिक, लगभग 7.7 लाख बच्चे बार-बार हिंसा, नुकसान और विस्थापन का सामना करने के कारण गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। आधिकारिक तौर पर लेबनान और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू है लेकिन इसके बावजूद इजरायल के विमान और तोपखाना रोजाना लेबनान के इलाकों पर हमले कर रहे हैं। वहीं, लेबनानी संगठन हिज्बुल्लाह सीमा क्षेत्र में इजरायली सैनिकों पर जवाबी हमले कर रहा है। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) नियमित रूप से हिज्बुल्लाह पर युद्धविराम उल्लंघन का आरोप लगाती रही है।

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