ऑपरेशन के बाद से ही किडनी फेल्योर से जूझ रहीं प्रसूताएं, यूरिन आउटपुट नहीं
तीन की हालत अभी भी स्थिर
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की एसएसबी ब्लॉक की आईसीयू में भर्ती सभी पांचों प्रसूताओं का ऑपरेशन के बाद भी यूरिन आउटपुट नहीं। जबकि, तीन प्रसूताएं खाना खा-पी रही हैं, इसके बावजूद यूरिन न आना चिंता का विषय। बार-बार डायलिसिस होने व इंटरनल ब्लीडिंग से परिजनों की धड़कने तेज।
कोटा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल की एसएसबी ब्लॉक की आईसीयू में भर्ती सभी पांचों प्रसूताओं का ऑपरेशन के बाद भी यूरिन आउटपुट नहीं हुआ। जबकि, तीन प्रसूताएं खाना खा-पी रही हैं, इसके बावजूद यूरिन न आना चिंता का विषय बना हुआ है। बार-बार डायलिसिस होने व इंटरनल ब्लीडिंग से परिजनों की धड़कने तेज हो रही है। वर्तमान में आईसीयू में पांच प्रसूताएं भर्ती हैं, जिनमें से पिंकी व आरती की स्थिति क्रिटिकल बनी हुई है। इनमें से पिंकी की हालत बेहद नाजुक है।
वहीं, रागिनी, धन्नी बाई व सुशीला स्थिर है। यूरिन सभी का बंद है। वहीं, कांगे्रस नेता प्रहलाद गुंजल ने सुपर स्पेशलिटी के बाहर रैली निकाल धरना दिया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि मृतकों के परिजनों को सात दिन में मुआवजा नहीं दिया तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। जेकेलोन से रैफर होकर एसएसबी आई पिंकी ऐयरवाल की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनके चाचा मनीष ने बताया कि पिंकी के पूरे शरीर में सूजन है तीन दिन से वेंटिलेटर पर है और होश भी नहीं आया है। अब तक 6 यूनिट ब्लड चढ़ाया जा चुका है। हालत में सुधार नहीं दिख रहा।
इनका कहना है: आईसीयू में भर्ती आरती की स्थिति में आंशिक सुधार है। वेंटीलेटर से हटा दिया है। वहीं, पिंकी वेंटिलेटर पर है। हालांकि दोनों ही क्रिटिकल बनी हुई है। वहीं, सुशीला, रागिनी व धन्नी बाई की तबीयत में लगातार सुधार है। रही बात यूरिन आउटपुट की तो वह किडनी शटडाउन की वजह से है। जरूरत के आधार पर डायलिसिस किया जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज चल रहा है।
-डॉ. आरपी मीणा, एडिशनल प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज कोटा।
देर रात बुखार से तपी आरती
आरती चौबदार के मामा भीमप्रकाश ने बताया कि आरती की तबीयत भी गंभीर है। हालांकि, वेंटिलेटर से हटा दिया है, थोड़ा सुधार दिख रहा है। बुधवार को नॉर्मल ऑक्सीजन पर है। दो दिन पहले डायलिसिस हुआ था। रिकवरी देखने को मिल रही है, लेकिन खुद का बीपी नहीं आ रहा।

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