पेट्रोल की कीमत में वृद्धि पर खड़गे के निशाने पर केन्द्र सरकार, बोले- सरकार बताएं किस-किस को जा रही लूट की किश्त
सरकार में नेतृत्व का संकट
पेट्रोल के दाम 9 दिन में तीसरी बार बढ़ने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, कच्चे तेल के सस्ते दौर में जनता को राहत नहीं मिली, लेकिन अब लगातार कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। खड़गे ने इसे “लीडरशिप क्राइसिस” बताते हुए सरकार से ईंधन कर और राहत नीति पर जवाब मांगा।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेट्रोल के दाम में 9 दिन के भीतर तीसरी बार वृद्धि को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मौजूदा स्थिति को देखकर लगता है कि सरकार में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया है, जिसके कारण बार-बार ईंधन के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम रहने के दौरान सरकार ने जनता को राहत नहीं दी, बल्कि पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी कर लगाकर लोगों पर बोझ डाला और अब संकट की स्थिति में भी सरकार आम लोगों को राहत देने के बजाय बार-बार और लगातार ईंधन की कीमतों में वृद्धि कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल पर रोजाना लगभग 1000 करोड़ रुपये का केंद्रीय कर लगाया गया है, लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय दाम कम थे, तब जनता को उसका लाभ नहीं पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के दौरान इटली, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, ब्रिटेन और आयरलैंड जैसे देशों ने अपनी जनता को राहत देने के लिए ईंधन पर करों में कटौती अथवा राहत पैकेज दिए, लेकिन भारत में इसके विपरीत कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि इटली ने ईंधन पर एक्साइज कटौती की, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने करों में कमी कर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत दी, ब्रिटेन ने घरों को ऑयल सहायता तथा ईंधन एवं बिजली पर करों में राहत दी, जबकि आयरलैंड ने राहत पैकेज के जरिए ईंधन कीमतों में कमी की। कांग्रेस अध्यक्ष ने केन्द्र से सवाल किया कि सरकार बताएं इस लूट की किश्त किस-किस को जा रही है और आरोप लगाया कि सरकार में लीडरशिप क्राइसिस वास्तविक है, जिसे अब देश की जनता समझ रही है।

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