कर्नाटक भाजपा के वरिष्ठ नेता रामचंद्र गौड़ा का निधन
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
बेंगलुरु। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और राज्य में पार्टी के उदय के प्रमुख शिल्पकारों में शामिल रामचंद्र गौड़ा का मंगलवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। कर्नाटक विधान परिषद के पांच बार सदस्य और पूर्व कैबिनेट मंत्री रहे गौड़ा ने जनसंघ के दौर में भाजपा को एक छोटे राजनीतिक दल से कर्नाटक में एक बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने लगभग तीन दशकों तक बेंगलुरु स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और उन्हें एक कुशल संगठन निर्माता तथा पार्टी कार्यकर्ताओं की कई पीढ़ियों के मार्गदर्शक के रूप में बड़े सम्मान के साथ देखा जाता था। राज्य के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने गौडा को श्रद्वांजलि अर्पित की।
उनके निधन पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें एक ऐसा नेता बताया जिनका योगदान चुनावी राजनीति से कहीं ऊपर था। केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि गौड़ा ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रवादी आंदोलन को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा एक मिसाल बनी रहेगी। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने गौड़ा को "बेंगलुरु भाजपा का भीष्म" बताया। उन्होंने कहा कि गौड़ा ने वर्ष 1970 में जनसंघ के उम्मीदवार के रूप में नगर निगम चुनाव जीतने के बाद बेंगलुरु में पार्टी की संगठनात्मक नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने न केवल एक वरिष्ठ नेता बल्कि संगठन का निर्माण करने वाली एक महान संस्था को खो दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने गौड़ा को जनसंघ के दिनों का अपना करीबी सहयोगी बताते हुए जमीनी स्तर पर पार्टी को खड़ा करने के लिए किए गए दशकों के संघर्ष को याद किया। सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान, गौड़ा ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख विभागों का कार्यभार संभाला, जहाँ वे शुरुआती ई-गवर्नेंस पहलों और सरकारी रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण से जुड़े रहे। खान और भूविज्ञान मंत्री के रूप में उन्होंने खनन नियमों को सरल बनाने और अवैध खनन पर अंकुश लगाने के उपाय भी पेश किए थे।

Comment List