होर्मुज में अमेरिका का हस्तक्षेप मंजूर नहीं : सैन्य कार्रवाई का देंगे जवाब, ईरान ने खाड़ी देशों को दी चेतावनी

अमेरिका के बर्ताव ने पूरे क्षेत्र को गंभीर खतरे में डाला

होर्मुज में अमेरिका का हस्तक्षेप मंजूर नहीं : सैन्य कार्रवाई का देंगे जवाब, ईरान ने खाड़ी देशों को दी चेतावनी
ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करने देगा। ईरानी सेना ने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी कि अमेरिका का सहयोग ईरान के खिलाफ युद्ध माना जाएगा।

तेहरान। ईरान ने कहा कि वह अमेरिका को कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप नहीं करने देगा। उसने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी है कि अमेरिका का सहयोग ईरान के साथ युद्ध करने के बराबर माना जायेगा। ईरानी सेना के खातम-अल अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता कर्नल इब्राहीम जुलफकारी ने एक बयान में कहा कि होर्मुज में अमेरिका के बर्ताव ने पूरे क्षेत्र को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में अमेरिका के प्रयोगों और दुर्भावना पूर्ण हरकतों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल टैंकरों एवं वाणिज्यिक जहाजों के परिवहन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।

उन्होंने कहा, दुर्भाग्यवश, कुछ क्षेत्रीय देशों के सहयोग ने पूरे क्षेत्र में युद्ध फैलने के खतरे को बढ़ा दिया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए सूचित किया जाता है कि हम किसी भी सूरत में अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में हस्तक्षेप की इजा•ात नहीं देंगे। हम भविष्य में भी ऐसा नहीं करेंगे। जुलफकारी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर कहा कि ईरान की सेना इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा, ईरानी सेना की मंजूरी के बिना और ईरान के निर्धारित मार्ग से इतर अमेरिकी सेना की कार्रवाई से तेल टैंकरों तथा वाणिज्यिक जहाजों को होने वाली किसी भी तरह की परेशानी से हम अच्छी तरह निपटेंगे।

उन्होंने खाड़ी देशों को चेतावनी देते हुए कहा, क्षेत्र के सभी राष्ट्र प्रमुखों को चेतावनी दी जाती है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह का सहयोग और समर्थन ईरान की अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ युद्ध माना जाएगा। अगर युद्ध पूरे क्षेत्र में फैलता है तो इसकी लपटें सभी देशों को अपनी चपेट में ले लेंगी। पूरी असुरक्षा और क्षेत्र में युद्ध के प्रसार का जिम्मा अमेरिका तथा उन देशों पर है, जो उसकी सहायता कर रहे हैं।

 

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