घरेलू हिंसा, गरीबी और पोलियो को हराकर शर्मिला धनकड़ ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया कॉमनवेल्थ पैरा एथलेटिक्स का गोल्ड
संघर्षों को मात देकर देश का नाम किया रोशन
हरियाणा। हरियाणा के महेंद्रगढ़ की पैरा एथलीट शर्मिला धनकड़ ने संघर्ष की मिसाल पेश करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में उन्होंने 9.81 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में 20 वर्षों से चला आ रहा पदक का इंतजार भी समाप्त हो गया।
बचपन में पोलियो से प्रभावित हुई शर्मिला ने गरीबी, घरेलू हिंसा और आर्थिक तंगी जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना किया। पहली शादी टूटने के बाद उन्होंने दो बेटियों के साथ नई शुरुआत की। दूसरे पति अजीत सिंह के सहयोग से उन्होंने पैरा खेलों में कदम रखा और 2021 में राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीतकर पहचान बनाई। खेल जारी रखने के लिए परिवार ने अपना घर तक बेच दिया। अब शर्मिला का सपना फिर से अपना घर खरीदने और अपनी बेटियों का उज्ज्वल भविष्य बनाने का है।

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