शिशु गृह में पल रही नन्ही परी को मिला फ्रांसीसी माता के स्नेह का आश्रय, दत्तक ग्रहण के बाद फ्रांस रवाना
बालिका व दत्तक माता को शुभकामनाएं
दौसा। किस्मत जब करवट लेती है तो जीवन की दिशा ही बदल जाती है। ऐसा ही एक भावुक पल उस समय देखने को मिला, जब दौसा के राजकीय विशेष दत्तकग्रहण अभिकरण में रह रही विशेष आवश्यकताओं वाली एक बालिका (परिवर्तित नाम- परी) विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अपनी फ्रांसीसी दत्तक माता के साथ नए जीवन की शुरूआत करने फ्रांस रवाना हुई। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा, प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ऐश्वर्या जगरवाल तथा अभिकरण के अधिकारियों ने बालिका को शुभकामनाओं के साथ भावभीनी विदाई दी।''''
कलक्टर ने जारी किए थे आदेश, बालिका व दत्तक माता को शुभकामनाएं
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 (संशोधित 2022) तथा केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा), नई दिल्ली द्वारा जारी दत्तकग्रहण विनियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए इसी वर्ष जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बालिका के अंतरदेशीय दत्तकग्रहण के आदेश जारी किए थे। सभी दस्तावेजी एवं विधिक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद गुरुवार को जिला कलक्टर ने फ्रांसीसी एकल दत्तक माता एवं बालिका से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बालिका को उपहार भी दिया तथा दत्तक माता से नियमानुसार फॉलोअप रिपोर्ट भेजने एवं सभी विधिक औपचारिकताओं का पालन करते हुए बालिका के बेहतर पालन-पोषण एवं उज्ज्वल भविष्य पर चर्चा की। जब किसी निष्ठुर व्यक्ति ने मेहंदीपुर बालाजी मंदिर क्षेत्र के आसपास लावारिस अवस्था में छोड़ दिया था, तब शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि एक दिन यही बच्ची फ्रांस जैसे विकसित देश में एक स्नेहमयी परिवार का हिस्सा बनेगी। फ्रांस की दत्तक माता ने केंद्रीय दत्तकग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) के पोर्टल पर आवेदन कर नियमानुसार बालिका को दत्तक ग्रहण किया।

Comment List