खुद अपनी बदहाली की कहानी कह रहा 15 साल पहले बना श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम

मैदान से लेकर दर्शक दीर्घा तक हर सुविधा जर्जर, नियमित रखरखाव नहीं होने से अभ्यास भी प्रभावित

खुद अपनी बदहाली की कहानी कह रहा 15 साल पहले बना श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम
खेल गतिविधियां लगभग ठप, शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा; खिलाड़ी बोले- जल्द हो जीर्णोद्धार।

कोटा। शहर के पॉश इलाके तलवंडी में स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। करीब 15 वर्ष पहले खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस स्टेडियम की हालत अब इतनी खराब हो चुकी है कि शहर के अधिकांश लोगों को इसके अस्तित्व तक की जानकारी नहीं है। कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) के अधीन आने वाला यह स्टेडियम वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। इसकी हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यह खुद चीख-चीखकर कह रहा हो कि मुझे भी मरम्मत और देखभाल की जरूरत है। 

स्टेडियम का मैदान पूरी तरह उजाड़ नजर आता है। मैदान में कहीं भी घास दिखाई नहीं देती। जगह-जगह मिट्टी, गड्ढे और कंकड़ फैले हुए हैं। पहली नजर में यह समझना भी मुश्किल हो जाता है कि यह मैदान आखिर किस खेल के लिए बनाया गया था। नियमित रखरखाव के अभाव में यहां खेल गतिविधियां लगभग बंद हो चुकी हैं। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि खराब मैदान के कारण अभ्यास के दौरान चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है।

सुरक्षा व्यवस्था नदारद, असामाजिक तत्वों का बना अड्डा
स्टेडियम में सुरक्षा व्यवस्था लगभग न के बराबर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम होते ही यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। कई बार चोरी की घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्टेडियम के मुख्य गेट के पास लगा लाइट पोल भी क्षतिग्रस्त अवस्था में है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। परिसर में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से शाम के बाद यहां आना लोगों के लिए असुरक्षित महसूस होता है। स्टेडियम में दर्शकों के बैठने के लिए बनाई गई सीढ़ियां कई जगह से टूट चुकी हैं। बैठने की व्यवस्था भी जर्जर हो चुकी है। वहीं शौचालयों की हालत बेहद खराब है। नियमित सफाई नहीं होने से उनमें दुर्गंध रहती है और वे उपयोग योग्य भी नहीं बचे हैं। परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली रहती है, जिससे खेल परिसर की गरिमा भी प्रभावित हो रही है।

खिलाड़यों ने कहा ये व्यवस्थाएं होना जरूरी
- मैदान में नई घास लगाकर समतलीकरण कराया जाए।
-मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड की नियमित तैनाती हो।
- पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- क्षतिग्रस्त लाइट पोल हटाकर नई हाईमास्ट लाइट लगाई जाए।
- दर्शक दीर्घा और टूटी सीढ़ियों की मरम्मत कराई जाए।
- शौचालयों का पुनर्निर्माण एवं नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
-नियमित सफाई और बागवानी कर स्टेडियम को व्यवस्थित बनाया जाए।
- खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति कर नियमित प्रशिक्षण शुरू किया जाए।
- केडीए द्वारा स्टेडियम के रखरखाव के लिए स्थायी बजट और निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।

Read More असर खबर का : कोटा-बूंदी को मिलेंगे 18 करोड़ के दो मंजिला 4 नए कॉलेज

स्थानीय खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा अभ्यास का बेहतर मंच
यदि इस स्टेडियम का जीर्णोद्धार कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, मैदान विकसित किया जाए और नियमित रखरखाव हो तो यह शहर के खिलाड़ियों के लिए एक बेहतरीन अभ्यास केंद्र बन सकता है। उन्होंने केडीए से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
-प्रीतम सिंह, जिला बॉक्सिंग सचिव

Read More असर खबर का : 10 महीने बाद एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी में गूंजा 'पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम', पूछताछ केंद्र पर भीड़ घटी

आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच होने के बावजूद इस स्टेडियम की अनदेखी समझ से परे है। लोगों ने प्रशासन और केडीए से जल्द आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की है।
-प्रीतपाल सिंह यहां आने वाले खिलाड़ी

Read More जलकुंभी की चपेट में राणा प्रताप सागर बांध, फ्लोटर पंप और टरबाइनों पर बढ़ा खतरा

स्टेडियम बनने पर लगा था कि बच्चों और युवाओं को अच्छा खेल मैदान मिलेगा, लेकिन आज इसकी हालत देखकर दुख होता है। यहां सुरक्षा नहीं होने से लोग बच्चों को भेजने से भी डरते हैं।
- राजेश शर्मा, स्थानीय निवासी

यह स्टेडियम पूरे तलवंडी क्षेत्र की पहचान बन सकता है, लेकिन रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
-सविता जैन, स्थानीय निवासी

इनका कहना है
स्टेडियम की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जल्द ही उच्च अधिकारियों से चर्चा की जाएगी और आवश्यक सुधार कार्य शुरू कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
- वाई.बी. सिंह, जिला खेल अधिकारी

Post Comment

Comment List

Latest News

जंतर-मंतर स्मारक ने यूनेस्को में शामिल होने के 16 वर्ष किए पूरे, 2010 में अपनी लिस्ट में किया था शामिल जंतर-मंतर स्मारक ने यूनेस्को में शामिल होने के 16 वर्ष किए पूरे, 2010 में अपनी लिस्ट में किया था शामिल
यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल जंतर-मंतर ने 16 वर्ष पूरे किए। अवसर पर विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण आयोजित,...
अमेरिका का बड़ा प्रतिबंध: भारतीय कंपनी समेत रूस, चीन और ईरान की छह कंपनियां ब्लैकलिस्ट, क्षेत्रीय अभियानों में मदद का आरोप
रॉन्ग साइड से आई कार ने बाइक को मारी टक्कर : वृद्ध की मौत, आरोपी वाहन छोड़कर फरार
खड़गे-राहुल का केंद्र पर बड़ा हमला: सच जान चुके युवाओं को डराया-धमकाया नहीं जा सकता, युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने का लगाया आरोप  
कचौड़ी के पैसे मांगना पड़ा भारी, दुकानदार पर खौलता तेल उड़ेलकर आरोपी फरार
पुरानी पेंशन को लेकर यूपी में बड़ा आंदोलन: कर्मचारी संगठनों का बड़ा ऐलान- अब नहीं झुकेंगे, सरकार को देंगे करारा जवाब
सुबोध कॉलेज की बेसमेंट पार्किंग में आग : 3 इलेक्ट्रिक स्कूटी जलकर खाक, समय रहते दमकल ने पाया काबू; बड़ा हादसा टला