राजस्थान के जीरा-सौंफ सहित इसबगोल, सरसों एवं अन्य कृषि उत्पादों को मिले जीआई टैग, अखिल राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) का आग्रह
प्रदेश के किसानों एवं व्यापार जगत के हित में अत्यंत आवश्यक
जयपुर। अखिल राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री एसोसिएशन (आरतिया) ने राजस्थान सरकार से आग्रह किया है कि प्रदेश में उत्पादित जीरा एवं सौंफ को शीघ्र भौगोलिक संकेतक (GI Tag) दिलाने के लिए प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई की जाए। एसोसिएशन की एक मीटिंग आयोजित की गई जिसमे विष्णु भूत, कमल कंदोई, आशीष सराफ, प्रेम बियानी, जसवंत मील, सज्जन सिंह, तपेश जैन, मधुसूदन शर्मा, श्रवण पारीक, हनीफ टांक, संजय शर्मा, एच.एम. जौहरी व उपस्थित पदाधिकारियों का कहना है कि राजस्थान की जलवायु एवं मिट्टी में उत्पादित जीरा और सौंफ अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, विशिष्ट स्वाद एवं सुगंध के कारण देश-विदेश के बाजारों में अपनी अलग पहचान रखते हैं। ऐसे में इन उत्पादों का जीआई टैग राजस्थान को मिलना प्रदेश के किसानों एवं व्यापार जगत के हित में अत्यंत आवश्यक है।
हाल ही में प्रकाशित समाचारों के अनुसार, जीरा एवं सौंफ के जीआई टैग को लेकर उत्पन्न स्थिति ने प्रदेश के किसानों एवं व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। यदि राजस्थान के पारंपरिक एवं प्रमुख कृषि उत्पादों को उनका वास्तविक भौगोलिक अधिकार नहीं मिला, तो इसका सीधा प्रभाव प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था, किसानों और व्यापार पर पड़ेगा।

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