विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस पर जयपुर पुलिस की कार्यशाला : कानूनी प्रावधानों, बचाव अभियान और पीड़ितों के पुनर्वास पर मिला प्रशिक्षण
विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी
जयपुर। विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस पर पुलिस आयुक्तालय जयपुर की रिजर्व पुलिस लाइन में बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी की रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों को मानव तस्करी की पहचान, कानूनी प्रावधान, बचाव अभियान, पीड़ितों के संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया सहित प्रभावी कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी संगठित अपराध की श्रेणी में आने वाले गंभीर अपराध हैं। इनकी रोकथाम के लिए पुलिस की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक मामले में पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण सत्र में इंटरनेशनल जस्टिस मिशन (IJM) जयपुर के तकनीकी सलाहकार एडवोकेट प्रधान, एडवोकेट जे. जेम्स और स्टेट प्रोग्राम डायरेक्टर केरेन पीटरसन ने संसाधन वक्ता के रूप में बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, मानव तस्करी की पहचान, नवीन एसओपी, बचाव अभियान, कानूनी प्रावधानों, पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास तथा विभिन्न विभागों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

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