जूती बनाने वाले को मिला 6.78 करोड़ का जीएसटी नोटिस, पैरों तले खिसकी जमीन
जूती कारीगर के नाम बनाई फर्जी कंपनी
गुड़ामालानी। गुड़ामालानी के जूती कारीगर के नाम फर्जी कंपनी बनाकर उस व्यक्ति के साथ तमिलनाडु से फ्रॉड हो गया। अब उसको 6.78 करोड़ का जीएसटी नोटिस मिला तो वह हक्का बक्का रह गया। पीड़ित ने मामले की लिखित सूचना गुड़ामालानी पुलिस थाने में देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। जानकारी के अनुसार एक महीने के 15 हजार रुपए कमाने वाले एक गरीब जूती कारीगर की उस समय पैरों तले जमीन खिसक गई, जब उसे तमिलनाडु से करीब 6.78 करोड़ रुपए के बकाया टैक्स का नोटिस मिला। गुड़ामालानी जीनगर मोहल्ला निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र महादेवराम जीनगर का है, जो चमड़े की जूती बना अपने परिवार का पेट पालते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनका एक छोटा सा कमरा बना रहा है और घर में महज चंद बर्तन व सामान्य सामान ही मौजूद हैं।
पीड़ित ने मामले की लिखित सूचना गुड़ामालानी थाने में दी जहां से उन्हें साइबर थाने जाने की सलाह दी गई है। सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी बिहारीलाल ने बताया, यह मामला दूसरे राज्य में पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनी बनाने का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, पीड़ित को घबराने की जरूरत नहीं है, वह तुरंत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाएं। जालसाज अक्सर लोन या सरकारी योजनाओं के नाम पर गरीबों के दस्तावेज हथियाकर फर्जी फर्म और बैंक खाते ऑपरेट करते हैं। तमिलनाडु वाणिज्यिक कर विभाग के कृष्णगिरि-2 असेसमेंट सर्किल के सहायक आयुक्त की ओर से 5 मई 2026 को जारी नोटिस के अनुसार शिवम एक्सपोर्ट्स नामक फर्म पर वित्तीय वर्ष 2017 से 2019-20 की अवधि का कुल 6 करोड़ 78 लाख 97 हजार 357 रुपए का टैक्स बकाया है। यह रिकवरी नोटिस जीएसटी नंबर और पैन नंबर के आधार पर जारी कर बैंकों को जितेंद्र कुमार के सभी बैंक खातों , एफडी और ओवर ड्राफ्ट खातों को तुरंत फ्रीज करने के निर्देश दिए हैं।

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