राहुल को जवाब देने के बजाय विदेशी निवेशकों की बिकवाली रोकने के उपाय करे सीतारमण: कांग्रेस

एफपीआई हिस्सेदारी घटकर कई वर्षों के निचले स्तर पर

राहुल को जवाब देने के बजाय विदेशी निवेशकों की बिकवाली रोकने के उपाय करे सीतारमण: कांग्रेस
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों (FPIs) द्वारा भारी पूंजी निकासी को लेकर कांग्रेस ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि गंभीर आर्थिक चुनौतियों और लगातार गिरती विदेशी हिस्सेदारी पर ध्यान देने के बजाय वित्त मंत्री राहुल गांधी को लंबे जवाब लिखने में व्यस्त हैं।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय शेयर बाजार से भारी मात्रा में पूंजी निकाले जाने के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देने के बजाय लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर लंबे-लंबे जवाब देने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि देश की वित्त मंत्री विपक्ष राहुल गांधी को लंबे-लंबे जवाब देने में अपने लेखन कौशल को निखारने में व्यस्त हैं, जबकि इस समय उन्हें आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देने की जरूरत है।

गौतरलब है कि एक दिन पहले ही कांग्रेस ने कहा है कि विदेशी निवेशकों ने करीब 4.03 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है और इस बिकवाली से सूचीबद्ध कंपनियों में विदेशी पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी घटकर करीब 15.8 प्रतिशत रह गई है और यह हिस्सेदारी पिछले कई सालों में सबसे निचले स्तर के करीब है। इस पर सीतारमण ने राहुल गांधी को लंबा चौड़ा जवाब दिया, जिसको लेकर खेड़ा ने उन पर करारा हमला किया है।

बीएसई में सूचीबद्ध 5,638 कंपनियों के विश्लेषण के अनुसार, सितंबर 2026 के अंत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर 14.02 प्रतिशत रह गयी जो दिसंबर 2020 में 20.09 प्रतिशत थी। विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में भारतीय शेयर बाजार से 34,843 करोड़ रुपये और सितंबर में 35,861 करोड़ रुपये निकाले। इसी तरह से 2026 में उनकी कुल शुद्ध निकासी करीब 2.95 लाख करोड़ रुपये हो गयी।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली के प्रमुख कारणों में अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड, डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भारतीय शेयरों का महंगा मूल्यांकन शामिल हैं। रुपये की कमजोरी भी विदेशी निवेशकों के प्रतिफल को प्रभावित कर रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्होंने 8.09 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की शुद्ध बिकवाली करीब 1.81 लाख करोड़ रुपये रही।

Read More पेटीज खाने रुका कलेक्शन एजेंट, स्कूटी से 20 लाख रुपए का बैग ले उड़े बदमाश

Post Comment

Comment List

Latest News

जल संरक्षण केवल जरूरत नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी भी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल में जल बचाने की शपथ जल संरक्षण केवल जरूरत नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी भी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल में जल बचाने की शपथ
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल में मंगलवार को 'ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक' के तीसरे दिन 'जल बचाओ' थीम पर जागरूकता...
राहुल को जवाब देने के बजाय विदेशी निवेशकों की बिकवाली रोकने के उपाय करे सीतारमण: कांग्रेस
दीपोत्सव के रंगों में सजा ग्लैमर का मंच, मिस इंडिया ग्लैम सीजन-8 का पोस्टर जारी
दिल्ली सरकार का मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज: 7000 किलो नकली खोया नष्ट, सीएम ने कहा- जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
युद्ध की बदलती चुनौतियों के लिए सेना को नई प्रौद्योगिकी और ताकत से लैस करने पर जोर: राजनाथ सिहं
एक साल में 1207 फिल्में देखकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 60 साल के बुजुर्ग का अनोखा जुनून
राजस्थान सीएम का विपक्ष पर हमला, बोले- कांग्रेस परिवारवाद की पार्टी, सत्ता की तिलमिलाहट में नेता हो रहे परेशान