राहुल को जवाब देने के बजाय विदेशी निवेशकों की बिकवाली रोकने के उपाय करे सीतारमण: कांग्रेस
एफपीआई हिस्सेदारी घटकर कई वर्षों के निचले स्तर पर
नई दिल्ली। कांग्रेस ने विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय शेयर बाजार से भारी मात्रा में पूंजी निकाले जाने के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देने के बजाय लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सोशल मीडिया पर लंबे-लंबे जवाब देने में व्यस्त रहने का आरोप लगाया है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि देश की वित्त मंत्री विपक्ष राहुल गांधी को लंबे-लंबे जवाब देने में अपने लेखन कौशल को निखारने में व्यस्त हैं, जबकि इस समय उन्हें आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
गौतरलब है कि एक दिन पहले ही कांग्रेस ने कहा है कि विदेशी निवेशकों ने करीब 4.03 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है और इस बिकवाली से सूचीबद्ध कंपनियों में विदेशी पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी घटकर करीब 15.8 प्रतिशत रह गई है और यह हिस्सेदारी पिछले कई सालों में सबसे निचले स्तर के करीब है। इस पर सीतारमण ने राहुल गांधी को लंबा चौड़ा जवाब दिया, जिसको लेकर खेड़ा ने उन पर करारा हमला किया है।
बीएसई में सूचीबद्ध 5,638 कंपनियों के विश्लेषण के अनुसार, सितंबर 2026 के अंत में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर 14.02 प्रतिशत रह गयी जो दिसंबर 2020 में 20.09 प्रतिशत थी। विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में भारतीय शेयर बाजार से 34,843 करोड़ रुपये और सितंबर में 35,861 करोड़ रुपये निकाले। इसी तरह से 2026 में उनकी कुल शुद्ध निकासी करीब 2.95 लाख करोड़ रुपये हो गयी।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के प्रमुख कारणों में अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड, डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भारतीय शेयरों का महंगा मूल्यांकन शामिल हैं। रुपये की कमजोरी भी विदेशी निवेशकों के प्रतिफल को प्रभावित कर रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में उन्होंने 8.09 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे जबकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की शुद्ध बिकवाली करीब 1.81 लाख करोड़ रुपये रही।

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