जेल में खटमलों के साथ गुजरी पहली रात: बैरक नंबर 1 है आजम खान का नया ठिकाना, जानें अब कैसे हैं हालात?
दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और बेटे को सजा
समाजवादी पार्टी नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में रामपुर MP/MLA कोर्ट ने 7–7 साल की सजा और 50–50 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। फैसले के बाद दोनों को गिरफ्तार कर रामपुर जेल भेजा गया। सूत्रों के अनुसार, दोनों को बैरक नंबर-1 में सामान्य कैदी की तरह रखा गया है।
रामपुर । समाजवादी पार्टी के बड़े नेता आजम खान और उनका बेटा अबदुल्ला आजम खान एक बार फिर से जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं। बता दें कि, सोमवार को रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में दोनों को 7—7 साल की सजा और करीब 50—50 हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। जिसके बाद दोनों पर कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, हाल ही में 23 सितंबर 2025 को ही आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आए थे और उसके बाद वो लगातार सुर्खियों में बने हुए थे, लेकिन इसी बीच अब सामने आ रहा है कि, 55 दिनों के बाद उनकी जेल में पहली रात कैसी गुजरी।
बीते दिन सोमवार को जैसे ही कोर्ट ने दो पैनकार्ड मामले में अपना फैसला सुनाया तो पुलिस ने मौके से ही इनको गिरफ्तार कर लिया था और उसके बाद दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रामपुर जेल में भेज दिया गया। जैसे ही आजम खान जेल में पुलिस गाड़ी से नीचे उतरे तो उनके हाथ में दो पैकेट बिस्किट और हाथ में चश्में का केस था, उसके बाद अब्दुल्ला भी गाड़ी से नीचेे उतरे लेकिन उनके हाथ में कुछ नहीं था। इस मौके पर भाई अदीब ने अब्दुल्ला का गले लगाया तो दोनों भाई भावुक हो गए और आंखों से आंसू छलक पड़े।
सूत्रों के अनुसार, आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला का रामपुर जिला कारागार के बैरक नंबर 1 में एक साथ रखा गया है। दोनों नेताओं को जेल प्रशासन की तरफ से कोई भी खास सुविधा मुहैया नहीं करवाई गई है जिसके कारण दोनों ने पूरी रात करवटें बदलते हुए काटी। बता दें कि, दोनों सामान्य कैदी की तरह ही रखा गया है और दोनों को खाना भी जेल ही दिया गया है, जिसमें मसूर की दाल, आलू पालक की सब्जी और रोटी थी, जिसको दोनों ने बाकी कैदियों के साथ बैठकर खाया। आजम खान के जेल में जाने के बाद उनके समर्थकों में काफी निराशा का माहौल है और उनके घर की गलियां भी सुनसान नजर आ रही है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल, साल 2017 में आजम खान अखिलेश सरकार में नगर विकास मंत्री के पद थे और उन्होंने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए अपने बेटे अब्दुल्ला का फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट बनवाया। उसी के आधार पर उन्होंने अब्दुल्ला का फर्जी पैन कार्ड बनवा दिया और बेटे को चुनाव लड़वा दिया। साथ ही बता दें कि, रामपुर कोर्ट आजम खान के खिलाफ करीब 104 मुकदमें दर्ज है, जिनमें से अब तक करीब 11 माललों में कोर्ट अपना फैसला सुना चुकी है और उनमें से भी करीब 6 मामलों में आजम खान को सजा भी हो चुकी है। वहीं, करीब 5 मामलों में आजम खान को बरी किया जा चुका है। अब देखना ये होगा कि, इस मामले में आजम खान जेल से कब तक बाहर आते हैं।

Comment List