संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने अमेरिका-इजरायल से किया युद्ध समाप्त करने का आग्रह : सैन्य कार्रवाई के स्थान पर अपनाएं कूटनीति, कहा- संघर्ष का बेकाबू होने का खतरा

यूएन प्रमुख ने दी ईरान युद्ध रोकने की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेस ने अमेरिका-इजरायल से किया युद्ध समाप्त करने का आग्रह : सैन्य कार्रवाई के स्थान पर अपनाएं कूटनीति, कहा- संघर्ष का बेकाबू होने का खतरा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध तुरंत समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने आगाह किया कि यह संघर्ष बेकाबू हो सकता है, जिससे तेल की कीमतें $116 प्रति बैरल के पार और गैस के दाम दोगुने हो गए हैं। गुटेरेस ने कूटनीति को एकमात्र समाधान बताया है।

ब्रुसेल्स। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को अमेरिका और इजरायल से ईरान युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया और सैन्य कार्रवाई के स्थान पर कूटनीति अपनाने पर बल दिया। यूरोपीय परिषद की बैठक के दौरान यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए इस संघर्ष का पूरी तरह से बेकाबू होने का खतरा है, साथ ही नागरिकों को भारी पीड़ा पहुंच रही है।

एंटोनियो गुटेरेस ने यह भी कहा कि युद्ध का प्रभाव युद्धक्षेत्र से कहीं अधिक दूर तक फैल रहा है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हो रहे दुष्प्रभाव की चेतावनी दी, जिसके संभावित रूप से दुखद परिणाम हो सकते हैं, विशेष रूप से सबसे कम विकसित देशों के लिए। उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि युद्ध पर कूटनीति विजय प्राप्त करे। यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से यूरोपीय ऊर्जा कीमतों, ऊर्जा सुरक्षा एवं क्षेत्रीय स्थिरता पर इसके प्रभाव पर चर्चा की गई।

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिससे वैश्विक नौवहन बाधित हुई, तेल की कीमतें आसमान छू गईं और वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में यूरोपीय गैस एवं तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। यूरोपीय गैस आपूर्ति अनुबंधों के लिए एक प्रमुख संदर्भ सूचकांक, डच टीटीएफ खुलने पर 30 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 70.7 यूरो (लगभग 76.8 अमेरिकी डॉलर) प्रति मेगावाट-घंटा हो गया लेकिन बाद में घटकर लगभग 67 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा पर आ गया। ईरान युद्ध शुरू होने से पहले कीमत लगभग 32 यूरो प्रति मेगावाट-घंटा थी जो अब दोगुनी से भी अधिक हो गई है। तेल की कीमतों में भी तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

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