अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का दावा: कहा भारत ने टैरिफ में कटौती पूरी तरह से हासिल की; मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ग्राहम का बयान
नई दिल्ली में अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में आयात शुल्क कटौती भारत के संतुलित रवैये का परिणाम है, इससे द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलेगी।
नई दिल्ली। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोमवार को कहा कि भारत ने भारत-अमेरिका के नए व्यापार समझौते के तहत घोषित आयात शुल्क में कटौती पूरी तरह से हासिल की है। उन्होंने इस कटौती को यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रूस से तेल खरीद को लेकर भारत द्वारा किए गए पुनर्संतुलन से जोड़ा। यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी, 2026 को अपने पाँचवें वर्ष में प्रवेश करेगा।
लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति की तारीफ करते हुए कहा कि रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव काम करता दिख रहा है। उन्होंने भारत के साथ हालिया व्यापार समझौते की ओर इशारा किया, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर आपसी आयात शुलक को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रम्प, बहुत बढिय़ा। मुझे लगता है कि इस युद्ध को खत्म करने के बारे में आपका संदेश-पुतिन के उन ग्राहकों से जो उनकी युद्ध मशीन को मदद देने का काम कर रहे थे उन्हें सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।
सीनेटर ग्राहम ने दावा किया कि भारत के आचरण ने आयात शुल्क में कटौती को पूरी तरह जायज ठहराया है और उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य देश भी इसी राह पर चलेंगे। उन्होंने कहा, अपने व्यवहार के जरिए भारत ने इस कटौती का हक़ उससे कहीं ज्यादा साबित किया है। मुझे उम्मीद है कि रूसी तेल खरीदने वाले अन्य बड़े देश भी भारत की दिशा का अनुसरण करेंगे।
उन्होंने व्यापार निर्णय को व्यापक भू-राजनीतिक उद्देश्यों से जोड़ते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तभी बातचीत की मेज पर आएंगे जब दबाव बढ़ेगा। लिंडसे ग्राहम की यह टिप्पणी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा दिन में पहले यह घोषणा करने के बाद आई है कि अमेरिका और भारत एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण आपसी आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस घोषणा ने लगभग 11 महीने की अनिश्चितता को खत्म कर दिया, जिसने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को दो दशकों से अधिक समय में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। भारत और अमेरिका ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तत्काल राहत प्रदान करेगा।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा, हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापारिक समझौते पर सहमति जताई है, जिसके तहत अमेरिका कम आयात शुल्क लगाएगा, इसे 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा। इसी तरह वे भी अमेरिका के खिलाफ अपने आयात शुल्क और नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य करेंगे।
आयात शुल्क में कमी से होने से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों की प्रतिस्पर्धात्मकता बेहतर होने, मांग बढऩे, मार्जिन का दबाव कम होने और निर्यात-उन्मुख क्षेत्र के लिए मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

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