लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश : विधेयक शुद्ध रूप से संपत्ति के प्रबंध का मामला, रिजिजू ने कहा- सरकार किसी धार्मिक कार्य में हस्तक्षेप नहीं कर रही है
पिछले दिन I.N.D.I.A ब्लॉक के दलों ने बिल पर अपनी रणनीति को लेकर की चर्चा
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया
नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया। स्पीकर ओम बिरला ने वक्फ बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया है। पिछले दिन I.N.D.I.A ब्लॉक के दलों ने संसद भवन में बैठक करके बिल पर अपनी रणनीति को लेकर चर्चा की।
किरेन रिजिजू ने कहा कि कई लीगल एक्सपर्ट, कम्युनिटी लीडर्स, धार्मिक लीडर्स और अन्य लोगों ने कमेटी के सामने अपने सुझाव रखे। पिछली बार जब हमने बिल पेश किया था, तब भी कई बातें बताई थीं। मुझे उम्मीद ही नहीं, यकीन है कि जो इसका विरोध कर रहे थे, उनके हृदय में बदलाव होगा और वे बिल का समर्थन करेंगे। मेरे मन की बात कहना चाहता हूं।
वक़्फ़ विधेयक पर राहुल गांधी ने ली थी पार्टी के सांसदों की बैठक
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वक़्फ़ विधेयक को लेकर बुधवार को लोकसभा में पार्टी के सांसदों की यहां संसद भवन परिसर में बैठक ली और उन्हें संसद में इस विधेयक पर मजबूती से अपना पक्ष रखने की सलाह दी।गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस सांसदों की यह बैठक करीब 9.30 बजे शुरू हुई जो एक घंटे से ज्यादा समय तक चली। बाद में सभी सांसद लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए सदन की तरफ चले गए। गांधी ने यह जानकारी देते हुए बताया 'आज सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद भवन एनेक्सी में कांग्रेस संसदीय दल के सभी लोकसभा सांसदों के साथ बैठक की। इस दौरान वक़्फ़ बिल पर कांग्रेस पार्टी के पक्ष को मजबूती से रखने को लेकर चर्चा हुई।'
वक्फ विधेयक लोक सभा में चर्चा के लिए पेश
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने बुधवार को लोक सभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामें के बीच वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को चर्चा और पारित करने के लिये प्रस्तुत किया और कहा कि यह विधेयक शुद्ध रूप से संपत्ति के प्रबंध का मामला है और इससे किसी धर्म के कार्यकलाप में कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।
रिजिजू ने कहा कि “ सरकार किसी धार्मिक कार्य में हस्तक्षेप नहीं कर रही है...यह कोई मंदिर, मस्जिद का विषय नहीं है। यह शुद्ध रूप से संपत्ति के प्रबंधन से जुड़ा मामला है।” उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्तियों का प्रबंध मुतव्वली करता है और यह विधेयक उसी प्रबंध से संबंधित है। संसदीय कार्य मंत्री ने इस संबंध में केरल और इलाहाबाद उच्च न्यायालयों तथा उच्चतम न्यायालय के तीन निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि तीनों ही निर्णयों में न्यायालयों ने स्पष्ट किया है कि मुस्लिम वक्फ या हिन्दू मंदिरों की संपत्तियों के प्रबंध का काम स्वाभाविक रूप से सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष प्रकृति का काम) है।
उन्होंने विपक्षी सदस्यों की टोका-टोकी के बीच कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में ‘आप यह तर्क बंद करें, कि मुसलमानों (की संपत्ति) के मामले में गैर-मुस्लिम को क्यों जोड़ा जा रहा है।’ मंत्री ने विपक्ष खासकर कांग्रेस पर वोट बैंक की निरर्थक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने शहरी विकास मंत्रालय की दिल्ली में 123 संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित कर दिया था।
रिजिजू ने कहा कि “ आपको तो इसका फायदा हुआ नहीं, आप चुनाव हार गए...फिर ऐसा काम क्यों करते हैं।” उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस विधेयक पर चर्चा करनी चाहिए और इसको लेकर कोई भ्रम पैदा नही करना चाहिए। यह विधेयक किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि मुसलमानों के हित में है और तमाम मुसलमान चाहते हैं कि वक्फ की संपत्तियों का कायदे से प्रबंध हो। मंत्री ने कहा कि इस विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति ने पूरे देश में तमाम वर्ग के लोगों के साथ व्यापक चर्चा के बाद अपनी रिपोर्ट दी थी और उसके आधार पर यह विधेयक पारित कराया जा रहा है।
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