सिद्धांत चतुर्वेदी ने साझा की अपनी अनकही प्रेम कहानी, कहा- जिन कहानियों का अंजाम न हो, उन्हें एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ दें
अभिनेता का बॉलीवुड तक का सफर आसान नहीं रहा
बॉलीवुड अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी ने अपने संघर्ष और पहले प्यार की भावुक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि अभिनेता बनने के सपने के चलते चार साल पुराना रिश्ता टूट गया। ‘गली बॉय’ से मिली सफलता ने सपना पूरा किया, लेकिन प्यार छूट गया।
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी का कहना है कि जिन कहानियों का अंजाम न हो, उन्हें एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ देना चाहिए। अपनी आने वाली फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ की रिलीज की तैयारी कर रहे सिद्धांत चतुर्वेदी इन दिनों अपनी जिंदगी के उस दौर को याद कर रहे हैं, जिसने बिना शोर किए उनके सफर की दिशा तय की। यह वो समय था जब न नाम था, न पहचान थी, थे तो बस सपने और एक गहरा प्यार।
अपने अनुशासन और मेहनत के लिए पहचाने जाने वाले सिद्धांत का बॉलीवुड तक का सफर आसान नहीं रहा। एक मिडिल-क्लास परिवार में पले-बढ़े सिद्धांत शुरुआत में अपने पिता की तरह चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन साथ ही कुछ अलग कर गुजरने का ख्याल दिल में पाले सिद्धांत दिल ही दिल में अभिनेता बनने का सपना पाल चुके थे। आखिरकार एक कड़ा फैसला लेते हुए उन्होंने आर्थिक स्थिरता को छोड़कर अपने सपने को चुन लिया।
सिद्धांत ने अपनी जिंदगी के एक अहम रिश्ते के बारे में खुलकर बात की, जिसकी शुरुआत तब हुई थी, जब वह सिर्फ 18 साल के थे। उन्होंने कहा- एक लड़की थी, जिससे मैं बहुत प्यार करता था। हम दोनों एक ही क्लास में थे। मैं रोज उसके लिए उल्टी दिशा में ट्रेन पकड़कर जाता था, जबकि मेरा घर दूसरी तरफ था।
सिद्धांत का यह रिश्ता करीब चार साल तक चला, लेकिन जैसे-जैसे सिद्धांत के सपने बड़े होते गए, हालात मुश्किल होते चले गए। उन्होंने बताया- मैं अभिनेता बनना चाहता था और वह 24 की उम्र तक शादी करना चाहती थी। मैंने उससे कहा कि मैं कुछ बिल्कुल नया शुरू कर रहा हूं और मुझे नहीं पता इसमें कितना वक्त लगेगा। क्या तुम मेरे लिए इंतजार कर सकती हो? उसने कहा कि वो इंतजार करेगी। उसने किया भी, लेकिन फिर उसे समझ आया कि मैं बहुत दबाव में हूं।
सिद्धांत उन लम्हों को याद करते हुए कहते हैं- उसने मुझसे कहा था कि तुम्हारा सफर काफी लंबा है। अच्छी बात यह है कि तुम्हें पता है कि तुम्हें क्या करना है और मैं चाहती हूं कि तुम बिना किसी दबाव के अपने सपने पूरे करो। हम अलग हो रहे हैं, लेकिन तुम अपने सपने जरूर पूरे करना। तुम्हें किसी मुकाम तक जरूर पहुंचना होगा। हालांकि, सालों बाद ‘गली बॉय’ से मिली कामयाबी ने उस वादे को पूरा तो कर दिया था, लेकिन उसकी कमी कायम थी।
सिद्धांत ने बताया- जब ‘गली बॉय’ रिलीज हुई, तो सबसे पहला मैसेज उसी का आया था कि तुमने अपना वादा निभा दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उसकी किसी और से शादी हो गई थी। मुझे भी अपने सपने और अपने प्यार के बीच चुनाव करना पड़ा था, क्योंकि उसने ही मुझसे कहा था कि तुम अपने सपने को चुनो, जिससे हमारा प्यार बेकार न जाए।
सिद्धांत ने अपनी बात को शायराना अंदाज में समेटते हुए कहा- कभी-कभी जिन कहानियों का अंजाम साथ नहीं होता, उन्हें एक खूबसूरत मोड़ देकर छोड़ देना ही बेहतर होता है।
हालांकि, भंसाली प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी सिद्धांत की आगामी फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ भी यही बताती है कि प्यार में आवेग नहीं, बल्कि समझ जरूरी है।

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