लोन दिलाने के नाम पर 1.19 लाख की धोखाधड़ी
आरोपियों ने पीड़िता के दस्तावेज पर खुद ले लिया पर्सनल लोन, मामला दर्ज
शेर सिंह ने कुछ डाक्यूमेंट्स पर साइन कराए और उसकी आईडी संबंधी दस्तावेज ले लिए। उसके आईटीआर के दस्तावेज व दुकान का फोटो भी लिया। उसने कुछ दिन में लोन राशि खाते में आने की बात कही, लेकिन राशि नहीं आई।
अजमेर। एक महिला के साथ शातिर ठग ने लोन दिलाने के नाम पर एक लाख 19 हजार रुपए की धोखाधड़ी कर दी। पीड़िता को धोखाधड़ी का उस वक्त पता चला जब वह अपने लिए टू-व्हीलर खरीदने पहुंची। उसने टू-व्हीलर फाइनेंस कराने की प्रक्रिया शुरू की तो फाइनेंस कम्पनी कर्मचारी ने उसकी पहले से सिविल खराब होना बता दिया। जांच की तो सामने आया कि उसके नाम पर पहले से ही 1.19 लाख रुपए का पर्सनल लोन जारी हो रखा है। उसने मामले में क्रिश्चियनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शिव मन्दिर के पास, ईदगाह कॉलोनी, वैशाली नगर निवासी आरती देवी पत्नी लाल बहादुर सिंह ने रिपोर्ट दी है कि उसके पड़ोस में ही रहने वाली शबीना पत्नी कालू नाम की महिला से उसके दोस्ताना संबंध थे। आरती ने बताया कि वह घर पर किराना की दुकान चलाती है। उससे ही अपने परिवार का गुजारा करती है। उसे शबीना ने पूर्व में बताया था कि वह फाइनेंस कम्पनी वाले को जानती है। वह उससे कहकर लोन दिलवा देगी। जिससे अपनी दुकान में माल भर लेना। उसके बाद उसने शेर सिंह नामक युवक से मिलवाया। शेर सिंह ने इण्डिया मोटर्स चौराहा स्थित स्वामी कॉम्पलेक्स में ऑफिस बताया और जल्द लोन दिलाने का भरोसा दिया। शबीना के कहने पर उसने शेर सिंह को लोन संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिए। शेर सिंह ने कुछ डाक्यूमेंट्स पर साइन कराए और उसकी आईडी संबंधी दस्तावेज ले लिए। उसके आईटीआर के दस्तावेज व दुकान का फोटो भी लिया। उसने कुछ दिन में लोन राशि खाते में आने की बात कही, लेकिन राशि नहीं आई। बाद में उसने लोन पास नहीं होने की बात कही, लेकिन डॉक्यूमेंट्स नहीं लौटाए तथा डॉक्यूमेंट्स कम्पनी में जमा हो जाना बता दिया।
सॉरी...आपकी सिविल खराब है
आरती ने बताया कि वह गत 1 अगस्त को अपने लिए दुपहिया वाहन एक्टिवा लेने के लिए गई। वहां उसने वाहन पसन्द कर उसे फाइनेंस कराना चाहा तो फाइनेंस कम्पनी कर्मचारी ने उसके दस्तावेज देखकर उसके नाम पर पहले से लोन होना व उसकी किश्तें बकाया होने के कारण उसकी सिविल खराब होने की जानकारी दी। जिसे सुनकर वह हैरान रह गई।
खाते में नहीं आई लोन राशि
उसने जब लोन के संबंध में जानकारी जुटाई तो पता चला कि जयपुर के आम्रपाली सर्किल वैशाली नगर स्थित निजी फाइनेंस कम्पनी से 1 नवम्बर 2022 को उसके नाम पर 1.19 लाख रुपए का पर्सनल लोन जारी किया गया है। बैंक ने उसे जो मोबाइल नम्बर बताया, वह उसका मोबाइल नम्बर नहीं था। उसने अजमेर में वैशाली नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में जाकर उसके खाते के संबंध में जांच की तो उसमें भी किसी तरह की लोन राशि फाइनेंस कम्पनी से ट्रांसफर नहीं हुई थी। आरती का कहना है कि उसने कोई लोन नहीं लिया। उसने शबीना, शेर सिंह व जयपुर की अवांस फाइनेंस कम्पनी पर षड्यंत्रपूर्वक धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Comment List