प्राध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2022 : डमी कांड में संलिप्तता का आरोपी गिरफ्तार, आरपीएससी सचिव ने दर्ज कराई थी एफआईआर
परीक्षा की शुचिता को खण्डित करने एवं धोखाधड़ी का प्रकरण
राजस्थान लोक सेवा आयोग की आंतरिक सतर्कता के चलते प्राध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में आयोग सचिव ने एफआईआर दर्ज करवाई। जिसके बाद एसओजी ने आयोग के ही एक लिपिक को गिरफ्तार।
अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग की आंतरिक सतर्कता के चलते प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में आयोग सचिव ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। जिसके बाद एसओजी ने आयोग के ही एक लिपिक को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला तब खुला जब आयोग ने संदिग्ध दस्तावेजों की गहनता से जांच की। जांच में फर्जकारी पुख्ता होने पर आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने 25 फरवरी 2025 को जयपुर स्थित एसओजी थाने में अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा के विरुद्ध नामजद मामला दर्ज करवाया। अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा (रोल नंबर 730447) ने इतिहास विषय की परीक्षा के दौरान उपस्थिति पत्रक पर अपनी फोटो के स्थान पर डमी कैंडिडेट की फोटो जनरेट की थी। आरोपी ने हस्ताक्षर और जन्म तिथि में भी हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इस धोखाधड़ी के दम पर उसने मुख्य चयन सूची में 569वीं रैंक भी हासिल कर ली थी, जिसे आयोग ने समय रहते पकड़ लिया।
आयोग प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए इनपुट के आधार पर एसओजी ने कार्यवाही करते हुए आयोग में ही कार्यरत लिपिक मानसिंह मीणा निवासी-सोप, तहसील- नादोती, जिला करौली को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि मानसिंह और अभ्यर्थी राजेश कुमार मीणा परिचित हैं एवं मानसिंह ने इस अपराध में सहयोग किया है। मानसिंह मीणा ने 10 नवंबर 2020 को आयोग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यग्रहण किया था। आयोग सचिव ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि यह सीधे तौर पर राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा की शुचिता को खण्डित करने एवं धोखाधड़ी का प्रकरण है।

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