ब्रह्मा मंदिर के नाम एक्सक्लुसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड
विश्व का प्राचीनतम एवं सर्वाधिक दर्शन किए जाने वाला मंदिर माना, 16 को देंगे प्रमाण पत्र
पुष्कर । विश्व विख्यात जगत पिता ब्रह्मा मंदिर का नाम एक्सक्लुसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगा। इसके साथ ब्रह्मा मंंदिर को अब एक नई पहचान भी मिलेगी। इस संबंध में आगामी 16 मई को एक्सुक्लुसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्था की ओर से मंंदिर को एक्सक्लुसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की विधिवत घोषणा की जाएगी। उपखंड कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित अस्थाई मंदिर कमेटी को रिकॉर्ड प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। कमेटी के सचिव एवं एसडीएम सुखाराम पिंडेंल ने बताया कि 16 मई की सुबह 9 बजे संस्था के प्रतिनिधि ब्रह्मा मंदिर का नाम एक्सक्लुसिव वर्ल्ड रिकार्ड मेंं दर्ज किए जाने का प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए उपखंड कार्यालय पहुंंचेंगे। बताया गया है कि संस्था ने ब्रह्मा मंदिर को विश्व का प्राचीनतम एवं सर्वाधिक दर्शन किए जाने वाला मंदिर माना है। मंंदिर को विश्व पटल पर लोगोंं के ध्यान में लाने के उद्देश्य से संंस्था ने ब्रह्मा मंदिर को एक्सक्लुसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्णय किया। एसडीएम पिंड़ेल ने बताया कि ब्रह्मा मंंदिर का 14वीं शताब्दी वि.सं. 713 मेंं आदिगुरु शंकराचार्य ने जीर्णोद्धार कराया था।
पंचतीर्थ स्नान आज से
पुष्कर सरोवर में पावन वैशाख माह का पंचतीर्थ स्रान गुरुवार को मोहिनी एकादशी स्रान के साथ आरंभ होगा। पांच दिनों तक चलने वाले धार्मिक स्रान का समापन 16 मई को पूर्णिमा पर होने वाले महास्रान के साथ होगा। शास्त्रों में 12 महिनों में वैशाख मास को श्रेष्ठ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इस माह के दौरान पुष्कर सरोवर में स्रान व दान करने का पुण्य कार्तिक स्रान के बराबर मिलता है। इसके चलते पिछले 25 दिनों से यहां वैशाख मास का स्रान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।
अगवानी में बिछाएंगे पलक-पावड़े, शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का मंगल प्रवेश
तीर्थ नगरी में गुरुवार शाम को गोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्री मज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाभागा का मंगल प्रवेश होगा। उनकी आगमन पर जुलूस व वाहन रैली निकालकर स्वागत किया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजक सत्यनारायण भंसाली ने बताया कि शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती गुरुवार शाम 4 बजे अजमेर से पुष्कर पहुंचेंगे। नवखंड़ी हनुमान मंदिर पर उनकी अगवानी की जाएगी तथा जुलूस के रूप में उन्हें माहेश्वरी सेवा सदन ले जाया जाएगा। जुलूस में सबसे आगे भगवा झंडे सुसज्जित पायलट गाड़ी चलेगी। इसके पीछे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व भक्त दुपहिए वाहनोंं पर भगवा झंडिया लहराते हुए चलेंंगे। साथ ही तीन खुली जीपें भी जुलूस में शामिल होगी। जिसमें सवार स्वागत समिति के अध्यक्ष व जुलूस प्रभारी अजय शर्मा व कार्यकर्ता पुष्पवर्षा करेंगे। स्वागत समिति अध्यक्ष अजय शर्मा ने बताया कि शोभायात्रा के मार्ग में 9 तोरण द्वार बनाए गए हैं तथा पूरे मार्ग में जगह-जगह यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा। स्वागत की जिम्मेदारी समिति सदस्य सूरज नारायण पाराशर, रघु पारीक, अरूण पाराशर, चंद्र शेखर गौड़, इंदर सिंह पवार, ऋषि पाराशर आदि को सौंपी गई है। याात्रा के आयोजन स्थल पहुंचने पर शंकराचार्य का संत परपंरानुसार अभिनंदन किया जाएगा। इस मौके पर शंकराचार्य उपस्थित जन समूह को प्रवचन भी देंगे।
तीन दिवसीय साधना व राष्ट्र रक्षा शिविर 13 से
अजय शर्मा ने बताया कि माहेश्वरी सेवा सदन में शंकराचार्य के सानिध्य में तीन दिवसीय साधना व राष्टÑ शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर का शुभारंभ 13 मई को होगा। शिविर के पहले सत्र सुबह 10 से 12 बजे तक शंकराचार्य अनुयायियों की जिज्ञासों का समाधान करेंंगे। वहीं शाम को 4 से 7 बजे तक आयोजित दूसरे सत्र में जगद्गुरु धर्म, आध्यात्म व राष्टÑ रक्षा विषय पर उपदेश देंंगे। तीन दिवसीय शिविर के समापन पर 15 मई की शाम जयपुर घाट पर सरोवर की दिव्य महा आरती का आयोजन किया जाएगा।

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