शिक्षा बोर्ड की जल्दबाजी परीक्षार्थियों पर पड़ गई भारी, दैनिक नवज्योति ने पहले ही दिया था चेता
गत वर्ष दोनों परिणाम मई माह में घोषित किए गए
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम घोषित करने की जल्दबाजी के साइड इफेक्ट्स सामने आने लगे हैं। गत वर्ष के मुकाबले इस बार 45 फीसदी यानी 19 हजार अधिक संवीक्षा आवेदन किए गए हैं।
अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं का परीक्षा परिणाम घोषित करने की जल्दबाजी के साइड इफेक्ट्स सामने आने लगे हैं। गत वर्ष के मुकाबले इस बार 45 फीसदी यानी 19 हजार अधिक संवीक्षा आवेदन किए गए हैं। दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी करने के बाद बोर्ड प्रशासन ने विलम्ब शुल्क के साथ 10 अपै्रल तक संवीक्षा के आवेदन मांगे थे। आवेदनों की यह संख्या गत वर्ष के मुकाबले 19 हजार ज्यादा है। जबकि गत वर्ष दोनों परिणाम मई माह में घोषित किए गए थे।
पिछले वर्ष कुल 43 हजार संवीक्षा आवेदन प्राप्त हुए थे, जो बढ़कर इस बार 62 हजार पहुंच गए हैं। यह साफ संकेत है कि बोर्ड द्वारा नियुक्त किए गए परीक्षकों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में केवल जल्दबाजी ही दिखाई थी। यही कारण है कि 62 हजार परीक्षार्थी परिणाम से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने पुनर्जांच और पुनर्मूल्यांकन के लिए बोर्ड में संवीक्षा के लिए आवेदन किया है। जो अब तक की सर्वाधिक है।

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