मिड डे मिल के श्रमिकों का भुगतान नहीं : रसोइयों को आर्थिक तंगी, संगठन ने अधिकारियों को पत्र लिखकर उठाई मांग
विद्यार्थियों को सुचारू एवं गुणवत्तापूर्ण पोषाहार मिल सके
मिड डे मील योजना के तहत कुक-कम-हेल्पर को पिछले 5 माह से मानदेय और कन्वर्जन राशि नहीं मिली, आर्थिक संकट गहराया। भुगतान न होने से विद्यालयों में पोषाहार व्यवस्था प्रभावित। संगठन ने अधिकारियों को पत्र लिखकर लंबित राशि जल्द जारी करने और अग्रिम भुगतान की मांग।
अजमेर। मिड डे मील (MDM) योजना के अंतर्गत राज्य के विद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों को 5 माह से कन्वर्जन एवं मानदेय राशि का भुगतान नहीं हो रहा है। इससे अल्प वेतन भोगी कार्मिकों के सामने जीवन यापन करने में परेशानी हो रही हैं। इसको लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक संघ ने जिला परिषद के सीईओ एवं मिड डे मील आयुक्त को पत्र लिख कर शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है।
जिला अध्यक्ष अर्जुन खींची ने बताया कि जिले में नवंबर माह से मिड डे मील योजना की कुक कन्वर्जन राशि एवं रसोईयों (कुक-कम-हेल्पर) के मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण विद्यालयों में पोषाहार व्यवस्था गंभीर संकट में है। विद्यालयों द्वारा बाजार से खाद्य सामग्री लाना एवं रसोईयों को समय पर मानदेय देना असंभव होता जा रहा है, अल्प मानदेय पर काम करने वाले कुक कम हेल्पर को पिछले 5 माह से भुगतान के अभाव में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है साथ ही पोषाहार प्रभारी भी कुक कन्वर्जन राशि के अभाव में परेशान हो रहे है। भुगतान के अभाव में विद्यार्थियों के पोषाहार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। संगठन ने मांग की है कि लंबित भुगतान का शीघ्र निस्तारण किया जाए छठा माह चल रहा है साथ ही पूर्व के भांति आगामी तिमाही हेतु अग्रिम तीन माह की राशि विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुचारू एवं गुणवत्तापूर्ण पोषाहार मिल सके।

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