युवाओं में भी बढ़ रही गठिया की बीमारी : जागरूकता के लिए अल्बर्ट हॉल पर होगी वॉकथॉन, मरीजों के साथ आम लोग भी ले सकेंगे भाग
यह एक ऑटोइम्यून डिजीज से जुड़ी बीमारी
26 अप्रैल को अल्बर्ट हॉल के सामने सुबह 7 से 9 बजे तक गठिया और ऑटोइम्यून रोगों पर जागरूकता वॉकथॉन आयोजित। इंडियन व राजस्थान रूमेटोलॉजी एसोसिएशन के आयोजन में मरीज, परिजन और आम लोग शामिल। विशेषज्ञों ने बताया कि यह बीमारी युवाओं में भी बढ़ रही।
जयपुर। अल्बर्ट हॉल के सामने रविवार, 26 अप्रैल को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक गठिया (रूमेटिक डिजीज़) और ऑटोइम्यून डिजीज को लेकर अवेयरनेस वॉकथॉन आयोजित की जाएगी। यह आयोजन इंडियन रूमेटोलॉजी एसोसिएशन और राजस्थान रूमेटोलॉजी एसोसिएशन की ओर से किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में आर्थराइटिस पेशेंट अपने परिवार के साथ शामिल होंगे। यह वॉकथॉन पूरे देश में एक साथ रूमेटोलॉजी अवेयरनेस थीम पर आयोजित की जा रही है। जयपुर में भी मरीजों के साथ उनके अटेंडेंट और आम लोग इस मुहिम का हिस्सा बनेंगे। आयोजन के दौरान अवेयरनेस पोस्टर्स लगाए जाएंगे। साथ ही लोगों को इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। युवाओं में भी बढ़ रही गठिया की समस्या एसएमएस हॉस्पिटल के सीनियर रूमेटोलॉजिस्ट डॉ. अविनाश जैन (सेक्रेटरी, राजस्थान रह्यूमेटोलॉजी एसोसिएशन) ने बताया कि रूमेटोलॉजी ऐसी मेडिकल ब्रांच है, जिसके बारे में लोग अभी भी पूरी तरह समझ नहीं पाते हैं। आम भाषा में इसे गठिया या वात की समस्या कहा जाता है, लेकिन यह एक ऑटोइम्यून डिजीज से जुड़ी बीमारी है।
रूमेटोलॉजी में गठिया के अलावा होने वाले सभी ऑटोइम्यून डिजीज का इलाज रूमेटोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के किसी भी अंग पर असर कर सकते है। उन्होंने बताया- ऑटोइम्यून डिजीज अब यह सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।

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