दुष्कर्म कांड में नया मोड़ : मेडिकल जांच रिपोर्ट के मुताबिक नहीं हुआ दुष्कर्म : अलवर एसपी
अलवर। शहर में विमंदित मूक बधिर बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को एक नया मोड़ सामने आया है। अलवर पुलिस अधीक्षक ने मामले में दुष्कर्म से इंकार करते हुए कहा है कि जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 5 डॉक्टरों की एक टीम ने बालिका की मेडिकल जांच की है। उनकी रिपोर्ट अलवर पुलिस को मिल चुकी है। इसके मुताबिक बालिका के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ है। एसपी ने कहा कि इस मामले में अलवर पुलिस ने करीब ढाई सौ से ज्यादा कैमरों की रिकॉर्डिंग चैक की। इनमें बालिका के गांव से निकलकर टेंपो में बैठने से लेकर घटनास्थल के पास तक के वीडियो रिकॉर्डिंग शामिल है। इस दौरान लास्ट लोकेशन से घटनास्थल के बीच की 10 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं है। उस 10 मिनट में बालिका कहां थी व उसके साथ क्या हुआ। इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि बालिका अपने घर से निकलकर गांव के बाहर एक टेंपो में बैठी। उसके बाद शहर में अलग-अलग सड़क मार्गों व चौराहों से गुजरी। पुलिस ने उसकी पूरी रिकॉर्डिंग चेक कर ली है। अभी तक के अनुसंधान में जिस ऑटो में वो बैठकर आई थीं, उसके ड्राइवर से बातचीत की गई है। ऑटो में कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। तिजारा पुलिया तक 7.31 मिनट तक वो कैमरे में रिकॉर्ड हुई हैं। बालिका पैदल चलती हुई दिखाई दे रही है। वह पूरी तरह स्वस्थ दिख रही है। उसके आसपास भी कोई संदिग्ध या कोई व्यक्ति नजर नहीं आ रहा। इसके बाद 7 से 10 मिनट के बीच का वीडियो उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस बीच क्या घटनाक्रम हुआ इसको लेकर पुलिस अनुसंधान कर रही है।
राजनीतिक दल अनर्गल बयानबाजी ना करें: सीएम
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि अलवर में विमंदित बालिका के प्रकरण के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, एसपी अलवर व बालिका का इलाज कर रहे वरिष्ठ डॉक्टरों से संपर्क बना हुआ है। डीजी पुलिस को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अनुसंधान कर शीघ्र मामले की तह तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं। अलवर एसपी की सहायता के लिए डीआईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में अनुसंधान के लिए अलग टीम भेजी है। प्रकरण में राजनीतिक दलों द्वारा अनर्गल बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए। पुलिस को स्वंतत्र रूप से अनुसंधान शीर्घ पूर्ण करने देना चाहिए।
नाबालिग पीड़िता की हालत स्थित
जेके लोन अस्पताल में इलाजरत अलवर मामले की नाबालिग पीड़िता की हालत स्थिर है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविन्द शुक्ला ने बताया कि सर्जरी के बाद बालिका को अभी आॅब्जर्वेशन में सर्जिकल आईसीयू में कुछ दिन रखा जाएगा। पेट के रास्ते मल निकालने के लिए अलग रास्ता बनाया गया है। ऐसे में फिलहाल बालिका को आईवी फ्लूड के माध्यम से लिक्विड ही दिया जा रहा है। जैसे ही बालिका की हालत में सुधार होगा उसे मुंह से खाने पीने को दिया जाएगा। इस दौरान राजसमंद सांसद दीयाकुमारी भी बालिका से मिलने के लिए अस्पताल पहुंची।
इधर ज्ञापन देने आई स्कूली छात्रा पर भड़के कलक्टर
अलवर। शहर में एक मूक बधिर बालिका से दरिंदगी के मामले में जिला परिषद के बाहर धरने पर बैठे डॉ किरोड़ी लाल मीणा के साथ स्कूली छात्राएं कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया से मिलने आई। इस दौरान किरोड़ीलाल मीणा बाहर ही रुक गए। उनके साथ आई महिलाओं ने जिला कलक्टर से मिलकर मूक बधिर बालिका के साथ हुई घटना के प्रति अपना दर्द बयां किया। इस दौरान कलक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने राजगढ़ की रहने वाली स्कूली छात्रा से कहा कि तुम स्कूल में पढ़ने आती हो या राजनीति करने।
स्कूली छात्रा ने बताया कि कलक्टर ने उससे कहा कि तुम कौन सी क्लास में पढ़ती हो तुम स्कूल में पढ़ने आती हो या राजनीति करने। अपने पापा के नंबर दो मैं बात करता हूं। इस पर उसने अपना परिचय देते हुए कहा कि मंगलवार रात्रि मूक बधिर बालिका के साथ जो घटना हुई वह किसी के भी साथ हो सकती थी। इस मुलाकात का वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें कलक्टर बच्चियों को डराने के अंदाज में उनसे बात करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं।
छोटी-छोटी बच्चियां मेरे पास आई थीं। ज्ञापन देने। मैनें तो सामान्य तौर पर इतना ही कहा कि अभी स्कूल बंद चल रहे हैं, तो तुम लोग यहां क्या कर रही हो। इसलिए मैनें उसके पिता के नम्बर मांगे थे।-नन्नूमल पहाडिया, जिला कलक्टर अलवर
कलक्टर का छात्राओं के साथ आचरण दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें सुनने की बजाय वे धमका रहे हैं ताकि अन्याय के खिलाफ आवाज ना उठा सकें। जिले के सबसे बड़े अफसर से यह उम्मीद नहीं की जा सकती है। तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए। -राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष, विधानसभा

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