डॉक्टर नदारद, स्टाफ की कमी से मरीज हो रहे परेशान
अव्यवस्थाओं का शिकार दबलाना स्वास्थ्य केंद्र
५ स्टेट हाईवे पर रात की दुर्घटनाओं में अस्पताल बंद होने से इलाज नहीं मिल पाता।
दबलाना।कस्बे का आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। हालात यह हैं कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेट हाईवे पर स्थित होने के कारण रात के समय दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन अस्पताल बंद रहने से घायलों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाता। मजबूरन मरीजों को निजी क्लीनिकों या बूंदी व हिंडोली रेफर किया जा रहा है।सामान्य दुर्घटना और मारपीट के मामलों में चिकित्सक उपलब्ध होने के बावजूद एमएलसी नहीं बनने से पुलिस को अलोद, हिंडोली या बूंदी के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्रसव पीड़ा से कराहती महिलाओं को भी दूर बूंदी रेफर किया जा रहा है, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ जाती है।
रविवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया। दबलाना उपसरपंच सुरेंद्र गौतम और भाजपा नेता केसरी लाल नागर ने बताया कि सुबह 9 से 11 बजे तक अस्पताल में डॉक्टर की तलाश की गई, लेकिन वे नहीं मिले। चिकित्सा कर्मियों ने पंचायत में शिविर होने की जानकारी दी, जबकि पंचायत में पूछताछ करने पर पता चला कि डॉक्टर केवल फोटो खिंचवाकर लौट गए।
स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जहरीली घास और झाड़-झंझाड़ उगे हुए हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है और स्वच्छता अभियान की अनदेखी हो रही है। जानकारी के अनुसार पीएचसी में दो नर्सिंग आॅफिसर, एक डॉक्टर, एक एलएचवी, एक वार्ड बॉय और एक एएनएम के पद रिक्त हैं।
भाजपा मंडल अध्यक्ष हेमराज राठौर ने कहा कि डॉक्टर की मनमर्जी और स्टाफ की कमी से आमजन को उपचार के बजाय असुविधा झेलनी पड़ रही है। सीएमएचओ बूंदी ओपी सामर से संपर्क नहीं हो सका।
इनका कहना है
अस्पताल में डॉक्टर नहीं है, इस मामले में डॉक्टर से चर्चा करूंगा।
-रामसिंह मीणा,ब्लॉक सीएमएचओ, हिंडोली।
मैं अकेला क्या कर सकता हूं। स्टाफ की कमी से सीएमएचओ बूंदी तथा ब्लॉक तथा ब्लॉक सीएमएचओ हिंडोली को अवगत करवाया हुआ है।
-डॉक्टर संजीत यादव, पीएचसी प्रभारी।

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