सडन कार्डियक अरेस्ट के खतरे से पहले ही मिलेगा अलार्म, जयपुर में विशेषज्ञों ने साझा की नई तकनीक

एट्रीयल फिब्रिलेशन एक मुख्य कारण

सडन कार्डियक अरेस्ट के खतरे से पहले ही मिलेगा अलार्म, जयपुर में विशेषज्ञों ने साझा की नई तकनीक

आईएसईकॉन 2026 में विशेषज्ञों ने बताया कि रिमोट मॉनिटरिंग डिवाइस से सडन कार्डियक अरेस्ट के खतरे की पूर्व पहचान संभव। पेसमेकर मरीजों का हार्ट डेटा डॉक्टरों तक पहुंचाकर समय रहते इलाज किया जा सकेगा। साथ ही, कार्डियोलॉजी में युवा विशेषज्ञों के लिए देशव्यापी ‘स्किलिंग’ पहल की शुरुआत जयपुर से की।

जयपुर। देश में हर साल सडन कार्डियक अरेस्ट से कई मौतें होती हैं और इसके पीछे एट्रीयल फिब्रिलेशन एक मुख्य कारण है। लेकिन सडन कार्डियक अरेस्ट के खतरे को पहले ही भांपा जा सकता है। अब रिमोट मॉनिटरिंग डिवाइस के जरिए डॉक्टर्स सडन कार्डियक अरेस्ट को होने से पहले ही रोक सकते हैं। यह जानकारी जयपुर में आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ इलेक्ट्रोकार्डियलॉजी की नेशनल कॉन्फ्रेंस 'आईएसईकॉन 2026' के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने साझा की।

हार्ट से जुड़ा सारा डाटा देगा डिवाइस :

डॉ. आशीष नवर ने बताया कि ऐसे मरीज जिनको पेसमेकर इंप्लांट किया गया है उन्हें अब रिमोट मॉनिटरिंग डिवाइस भी दी जाती है जो उनके हार्ट से जुड़ा सारा डाटा डॉक्टर तक पहुंचाता रहेगा। अगर मरीज को हॉस्पिटल भर्ती होने की जरूरत होती है तो डिवाइस के जरिए डॉक्टर दूर बैठे ही यह मालूम कर सकते हैं। वहीं सडन कार्डियक अरेस्ट के आने से पहले ही अलार्मिंग साइन पहचान कर यह डिवाइस पहले ही सतर्क कर सकती है जिससे मरीज को जानलेवा स्थिति में जाने से पहले ही बचाया जा सके।

जयपुर से शुरू होगी देशव्यापी 'स्किलिंग' की पहल :

Read More देवनानी ने जारी की विधानसभा की नववर्ष डायरी : राज्यपाल, सीएम, विधानसभा अध्यक्ष और अहम घटनाओं का सचित्र विवरण

इस कॉन्फ्रेंस के जरिए देश में पहली बार कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में एक अनूठी पहल की शुरुआत भी की गई है। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. जितेंद्र सिंह मक्कड़ ने बताया कि देश में पहली बार एक पहल इन कॉन्फ्रेंस से शुरू की गई है। इसके अंतर्गत देश में हर साल कार्डियोलॉजी की पढ़ाई पूरी करने वाले 400 युवा विशेषज्ञों को इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी से संबंधित इंप्लांट डिवाइस या तकनीकों को सिखाया जाएगा और उनकी स्किल को बेहतर किया जाएगा। इसके लिए जयपुर हार्ट रिदम सोसायटी और एक मेड टेक कंपनी का एमओयू हुआ जिसके अंतर्गत पूरे देश में यह प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत जयपुर से हुई है। इस मौके पर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट मनदीप सिंह कुमार ने कहा कि जयपुर हेल्दी हार्ट ग्रुप के साथ हमारा कोलेबोरेशन भारत में उभरते हुए कार्डियोलॉजिस्ट की ट्रेनिंग और एंगेजमेंट को मज़बूत करने; लगातार सीखने का एक ऐसा रास्ता बनाने, जो क्लिनिकल एक्सीलेंस को आगे बढ़ाएगा। इससे हार्ट फेलियर के मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।  

Read More विद्यालय में पेयजल, बिजली और स्वच्छता में हुआ सुधार

विशेष सत्र: तकनीक और अनुभव का संगम, ईसीजी क्विज के विजेताओं का हुआ सम्मान :

Read More सात रेंजर को सहायक वन संरक्षक पद पर किया पदोन्नत, अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी

कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन के तकनीकी सत्रों में हृदय रोगों के आधुनिक उपचार पर विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया। ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. कुश कुमार भगत ने बताया कि दिन की शुरुआत ईसीजी क्विज के साथ हुई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

कृषि नीतियों के कारण किसान, व्यापारी और मजदूर परेशान : सैलजा ने सरकार पर लगाया छोटे व्यापारी और आढ़ती के कमजोर होने का आरोप, कहा- किसानों पर बढ़ाया जा रहा नियमों का बोझ कृषि नीतियों के कारण किसान, व्यापारी और मजदूर परेशान : सैलजा ने सरकार पर लगाया छोटे व्यापारी और आढ़ती के कमजोर होने का आरोप, कहा- किसानों पर बढ़ाया जा रहा नियमों का बोझ
चंडीगढ़ में पूर्व मंत्री कुमारी सैलजा ने घरौंडा अनाज मंडी का दौरा कर किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों की समस्याएं सुनीं।...
सड़क पर टूटे पेड़ से टकराई कार : पलटने से 2 लोगों की मौके पर ही मौत, अन्य 3 लोग घायल
3डी प्रिंटिंग तकनीक से जटिल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी : सामान्य सर्जरी से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण था केस, अपनी जगह से खिसक गया था कृत्रिम कप
जयपुर सर्राफा बाजार में कोई उतार चढ़ाव नहीं : सोना और चांदी की कीमतें यथावत, जानें क्या है भाव
कांग्रेस ने ग्रेट निकोबार परियोजना को लेकर केंद्र सरकार को घेरा : जमीनी स्तर की आवाजों की अनदेखी करने का लगाया आरोप, जयराम ने कहा- आदिवासी सुमदायों पर पड़ सकता है बुरा असर
वाहन चोरों का तांडव : अस्पताल से बस स्टैंड तक चोरी ही चोरी, शहर में दहशत
रिपोर्ट में खुलासा : ईरान युद्ध में अब तक 365 अमेरिकी जवान घायल, 13 सैनिकों की मौत