आजादी के बाद भी डडवाड़ा गांव पक्की सड़क से वंचित, बरसात में कट जाता है संपर्क
बारिश में फिसलन के कारण बच्चों के गिरने का खतरा
चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है।
देईखेड़ा। खरायता पंचायत के डडवाड़ा गांव में आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को पक्की सड़क नसीब नहीं हो सकी है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता आज भी कच्चा है, जो बरसात के मौसम में कीचड़ में तब्दील हो जाता है। ऐसे में गांव का संपर्क न केवल आसपास के गांवों से, बल्कि पंचायत मुख्यालय से भी लगभग कट जाता है।
ग्रामीण विनोद मीणा ने बताया कि डडवाड़ा गांव में करीब 60 से अधिक घरों की आबादी निवास करती है। यह बस्ती मुख्य सड़क से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित है, लेकिन आज तक यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। बरसात के दिनों में हालात इतने खराब हो जाते हैं कि बीमारों को अस्पताल ले जाना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार चारपाई पर मरीज को कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ता है। ग्रामीण राधेश्याम, अखिलेश मीणा, हरिप्रसाद, गोबरीलाल, गजानंद सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली छात्र-छात्राओं को भी रोजाना इसी कच्चे रास्ते से गुजरकर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश में फिसलन और कीचड़ के कारण बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड पंच, सरपंच, प्रधान, विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार पक्की सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले। चुनाव के समय वादे जरूर किए जाते हैं, पर बाद में समस्या जस की तस बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र पक्की सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी इस समस्या से निजात मिल सके।
इनका कहना है
ग्राम सभा में डामरीकरण अथवा सी सी सड़क के निर्माण के लिये कई बार प्रस्ताव लेकर सक्षम अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों को भिजवा चुके है परन्तु अब तक स्वीकृति नही मिली है सड़क पर आवश्यकतानुसार ग्रेवल करवाया जा चुका है परन्तु बरसात में परेशानी आती है।
- बद्रीलाल मीणा सरपंच खरायता
जिला परिषद की बैठकों में कई बार इस इस मामले उठा गया है परन्तु विभाग के अधिकारियों ने इस सड़क के पस्तावो को प्राथमिकता नही लेने से समस्या बनी हुई है सड़क निर्माण के प्रयास जारी है
- के.सी. वर्मा, जिला परिषद सदस्य।

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