पहले दिन की प्रस्तुतियों के साथ शुरू हुई 36वीं महेंद्र भट्ट स्मृति अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता, एक हजार प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का कर रहे प्रदर्शन
दीप प्रज्वलन कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया
दर्शक संस्था की 36वीं महेंद्र भट्ट स्मृति अखिल भारतीय संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन पंडित सलिल भट्ट ने किया। पहले दिन प्रस्तुतियां जगजीत सिंह को समर्पित रहीं। पांच दिवसीय आयोजन में देशभर के लगभग 1000 प्रतिभागी विभिन्न विधाओं में भाग ले रहे हैं।
जयपुर। दर्शक संस्था की ओर से 36वीं महेंद्र भट्ट स्मृति अखिल भारतीय संगीत एवं नृत्य प्रतियोगिता का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय, भावपूर्ण और प्रेरक वातावरण में हुआ। प्रतियोगिता के पहले दिन की सभी प्रस्तुतियां गज़ल सम्राट जगजीत सिंह को समर्पित रहीं।
प्रतियोगिता का उद्घाटन सात्विक वीणा के अप्रतिम साधक, तंत्री सम्राट पंडित सलिल भट्ट ने किया। उद्घाटन अवसर पर उनके साथ दर्शक संस्था की संस्थापिका मधु भट्ट, मानद अध्यक्ष ध्रुव बहादुर सिंह कार्की, संस्था सचिव लोकेश अग्रवाल और निदेशक पं. राजीव भट्ट ने विधिवत दीप प्रज्वलन कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर पंडित सलिल भट्ट ने स्वर्गीय महेंद्र भट्ट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रतिभागियों को सुरों के सात्विक स्वरूप से परिचित कराया। उन्होंने कहा,“जो सुरों से मित्रता करेगा, वह असुरों से स्वतः बचा रहेगा। यदि जीवन में सुर, सौंदर्य और सद्भाव का संग होगा, तो असुरता, अराजकता और अंधकार स्वतः दूर रहेंगे। यही सुरों की मित्रता का वास्तविक प्रतिफल है I”
मालवीय नगर स्थित गोविंद मार्ग पर दर्शक कॉलेज ऑफ म्यूजिक एंड डांस के मिनी ऑडिटोरियम में प्रारंभ हुई यह पांच दिवसीय प्रतियोगिता प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायं 8 बजे तक आयोजित की जा रही है। इसमें देशभर से आए लगभग एक हजार प्रतिभागी लोक, सुगम एवं शास्त्रीय गायन, शास्त्रीय एवं सुगम वादन, उपशास्त्रीय नृत्य, बॉलीवुड नृत्य तथा देशभक्ति गीत व नृत्य जैसी विविध विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रतियोगिता समन्वयक प्रोमिला राजीव ने बताया कि पहले दिन सुगम गायन (रिकॉर्डेड व अनरिकॉर्डेड), शास्त्रीय गायन तथा लोक गायन की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिन्हें निर्णायकों एवं श्रोताओं से भरपूर सराहना मिली। प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों में सुर-साधना, भावों की गहराई और तकनीकी दक्षता का सुंदर समन्वय देखने को मिला। 20 फरवरी को शास्त्रीय एवं सुगम वादन की प्रतियोगिताएं सुप्रसिद्ध सितार वादिका मंजू नंदन मेहता को समर्पित की जाएंगी।

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