राजस्थान के बांधों में 43.98% जलभराव, पिछले साल से कम पानी

जयपुर जोन की स्थिति में सुधार

राजस्थान के बांधों में 43.98% जलभराव, पिछले साल से कम पानी
प्रदेश में मानसून की शुरुआत के बीच राजस्थान के बांधों में जल संग्रहण की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं। 29 जून 2026 की जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 693 बड़े, मध्यम और छोटे बांधों की कुल भंडारण क्षमता 13,029.09 मिलियन घनमीटर है, जिनमें वर्तमान में 5,729.77 एमसीएम पानी उपलब्ध।

जयपुर। प्रदेश में मानसून की शुरुआत के बीच राजस्थान के बांधों में जल संग्रहण की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। 29 जून 2026 की जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 693 बड़े, मध्यम और छोटे बांधों की कुल भंडारण क्षमता 13,029.09 मिलियन घनमीटर (एमसीएम) है, जिनमें वर्तमान में 5,729.77 एमसीएम पानी उपलब्ध है। यह कुल क्षमता का 43.98 प्रतिशत है, जबकि 29 जून 2025 को यही आंकड़ा 49.96 प्रतिशत था। पिछले 24 घंटों में बांधों के जल भंडारण में 2.35 एमसीएम की कमी दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 23 प्रमुख बांधों में 55.86 प्रतिशत, 263 मध्यम एवं बड़े बांधों में 26.06 प्रतिशत तथा 407 छोटे बांधों में केवल 12.90 प्रतिशत जल संग्रहण है। प्रदेश के 693 बांधों में से 314 खाली, 374 आंशिक रूप से भरे हुए और केवल 5 बांध पूरी तरह भरे हुए हैं। जोनवार स्थिति में कोटा जोन सबसे बेहतर रहा, जहां 54.97 प्रतिशत जल भराव दर्ज किया गया। इसके बाद जयपुर जोन में 45.61 प्रतिशत, बांसवाड़ा में 43.02 प्रतिशत, उदयपुर में 35.76 प्रतिशत, भरतपुर में 22.99 प्रतिशत और जोधपुर जोन में सबसे कम 18.27 प्रतिशत जल संग्रहण दर्ज हुआ।

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