48 मण्डलों पर ऋद्धि मंत्रों से हुआ भक्तामर, स्तोत्र दीप महाअर्चना अनुष्ठान
संगीतमय आयोजन किया गया
राजस्थान जैन सभा जयपुर की ओर से युग दृष्टा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) एवं उनके पुत्र भरत चक्रवर्ती का जन्म जयन्ती समारोह भट्टारकजी की नसियां में भक्ति भाव से मनाया गया।
जयपुर। राजस्थान जैन सभा जयपुर की ओर से युग दृष्टा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) एवं उनके पुत्र भरत चक्रवर्ती का जन्म जयन्ती समारोह भट्टारकजी की नसियां में भक्ति भाव से मनाया गया। इस मौके पर प्रथम तीर्थंकर की प्रथम स्तुति के रूप में श्रद्धालुओं द्वारा मुख्य मण्डल एवं 48 मण्डलों पर 2352 दीपक प्रज्ज्वलन कर ऋद्धि मंत्रों से युक्त भक्तामर स्तोत्र दीप महाअर्चना अनुष्ठान का संगीतमय आयोजन किया गया।
अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन एव महामंत्री मनीष बैद ने बताया कि रात्रि 8 बजे से अनुष्ठान में सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा भगवान आदिनाथ की महाआरती के बाद मुख्य मण्डल एवं 48 मण्डलों पर 48-48 दीपक जला कर ऋद्धि मंत्रों से युक्त भक्तामर स्तोत्र अनुष्ठान का संगीतमय पाठ किया गया। कार्यक्रम में गायक नरेन्द्र जैन, अशोक गंगवाल ने भक्तामर स्तोत्र श्लोक के साथ चाकर राख ले आदिश्वरा..., मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे वीर आएंगे..., पंखिडा तू उडके जाना कुंडलपुर रे..., भक्ति में मै थारी नाच रहयो रे प्रभू थारा ही रंग में रंग गयो रे... सहित प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। कार्यक्रम में पुरुष सफेद वस्त्र तथा महिलाएं लाल चुनरी पहन कर शामिल हुर्इं।

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