Rituals
राजस्थान  जयपुर 

तिल-जल से तर्पण भी श्राद्ध का विकल्प, गाय को चारा खिलाने का भी विधान

तिल-जल से तर्पण भी श्राद्ध का विकल्प, गाय को चारा खिलाने का भी विधान पितृपक्ष में पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, पिंडदान और अन्नदान की परंपरा। ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा के अनुसार, तीर्थ जाना संभव न हो तो नदी, तालाब या कुएं के जल से तर्पण किया जा सकता है।
Read More...
राजस्थान  जयपुर 

श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 26 सितम्बर से, 16 दिन नहीं होंगे मांगलिक कार्य

श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 26 सितम्बर से, 16 दिन नहीं होंगे मांगलिक कार्य पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 11 अक्टूबर तक। इस दौरान पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान, हवन और दान की परंपरा। मान्यता के अनुसार, पितृपक्ष में पितरों को जल अर्पित करने से उनकी आत्मा तृप्त होती है।
Read More...
राजस्थान  जयपुर  Top-News 

48 मण्डलों पर ऋद्धि मंत्रों से हुआ भक्तामर, स्तोत्र दीप महाअर्चना अनुष्ठान

48 मण्डलों पर ऋद्धि मंत्रों से हुआ भक्तामर, स्तोत्र दीप महाअर्चना अनुष्ठान राजस्थान जैन सभा जयपुर की ओर से युग दृष्टा जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) एवं उनके पुत्र भरत चक्रवर्ती का जन्म जयन्ती समारोह भट्टारकजी की नसियां में भक्ति भाव से मनाया गया।
Read More...

Advertisement