एसओजी का बड़ा खुलासा : प्रदेश में रुपयों के लिए डमी बनने वाले 2000 कैंडिडेट चिन्हित, अब तक करीब 125 डमी कैंडीडेट दबोचे गए
एक ही डमी कैंडिडेट ने कई परीक्षाएं पास करवाईं
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की चाह अब एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। पढ़ाई में अच्छे और परीक्षा पैटर्न की गहरी समझ रखने वाले कुछ अभ्यर्थी अब खुद परीक्षा देने के बजाय डमी कैंडिडेट बनकर दूसरों की जगह परीक्षा में बैठ रहे हैं।
जयपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की चाह अब एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी है। पढ़ाई में अच्छे और परीक्षा पैटर्न की गहरी समझ रखने वाले कुछ अभ्यर्थी अब खुद परीक्षा देने के बजाय डमी कैंडिडेट बनकर दूसरों की जगह परीक्षा में बैठ रहे हैं। इसके बदले वे लाखों रुपये वसूल रहे हैं और पास होने की गारंटी तक देते हैं। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में अब तक 2000 डमी कैंडिडेट चिन्हित किए जा चुके हैं, जिनमें से 125 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कैसे काम करता है डमी कैंडिडेट का नेटवर्क
डमी कैंडिडेट आमतौर पर वे छात्र बनते हैं, जो पढ़ाई में बेहद तेज होते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की अच्छी तैयारी कर चुके होते हैं। ऐसे लोग उन अभ्यर्थियों से संपर्क में आ जाते हैं, जो पैसे के दम पर नौकरी या चयन पाना चाहते हैं। परीक्षा में बैठने के लिए 8 से 10 लाख रुपए प्रति परीक्षा वसूलते हैं।
डील की शर्त
डमी कैंडीडेट रुपए लेकर पास कराने की गारंटी देता है। डमी कैंडीडेट के लिए फर्जी पहचान पत्र, एडमिट कार्ड और फोटो का इस्तेमाल होता है।
एक ही डमी कैंडिडेट ने कई परीक्षाएं पास करवाईं
एसओजी के अनुसार अब तक जिन भी मामलों का खुलासा हुआ है, उनमें डमी कैंडिडेट की ओर से दी गई परीक्षाएं पास हुई हैं, जिससे इस गिरोह का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
कमाई का इस्तेमाल
डमी कैंडीडेट कई बार चार से पांच परीक्षाओं में बैठता है और एक परीक्षा के हिसाब से करीब 40 से 45 लाख रुपए कमा लेता है। इन रुपयों से कई कैंडीडेट अपना मकान बनवाते हैं तो कई अपने ऐशोआराम और दिखावे की जिंदगी में खर्च कर देते हैं।
मेहनत करने वाला ही बन रहा है अपराधी
हाल ही एसओजी ने 50 हजार रुपए के इनामी अशोक कुमार निवासी फलौदी को गिरफ्तार किया। अशोक आरएएस की तैयारी कर रहा था। इसने रुपयों के लालच में डमी कैंडीडेट बनना शुरू कर दिया और चार परीक्षाओं में डमी कैंडीडेट बनकर रुपए कमाए। एसओजी रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अशोक को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेगी। उसके बाद अन्य जानकारियों की तस्दीक करेगी।
एसओजी की सख्ती से गिरोह में डर
एसओजी लगातार इस नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है। डिजिटल डेटा, परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज और बायोमेट्रिक मिलान के जरिए डमी कैंडिडेट को चिन्हित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में गिरफ्तारियों की संख्या और बढ़ सकती है।
प्रदेश में परीक्षाओं में डमी कैंडीडेट बनकर परीक्षा देने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। सूचना पर एसओजी ने 2000 डमी कैंडीडेटों को चिन्हित किया है। अभी तक 125 को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य के खिलाफ सबूत जुटाकर कार्रवाई की जा रही है।
विशाल बंसल, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी

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