झालाना अभयारण्य में पहली बार ब्लैक हेडेड बंटिंग दिखी, प्रवासी पक्षी ने बढ़ाई जैव विविधता की पहचान
यूरोप और मध्य एशिया से सर्दियों में भारत आता है
झालाना वन्य जीव अभयारण्य में पहली बार काले सिर वाली गुंजन (ब्लैक हेडेड बंटिंग) दर्ज की गई है। यह प्रवासी पक्षी यूरोप और मध्य एशिया से सर्दियों में भारत आता है। वन अधिकारियों ने इसे बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत बताया। इससे पहले यह प्रजाति जयपुर के अंबेरी और मानसागर क्षेत्रों में देखी जा चुकी है।
जयपुर। झालाना वन्य जीव अभयारण्य में एक नई प्रजाति, काले सिर वाली गुंजन (ब्लैक हेडेड बंटिंग) पक्षी रिकॉर्ड किया गया है। पक्षी विशेषज्ञ रोहित गंगवाल ने बताया कि यह प्रवासी पक्षी आमतौर पर यूरोप और मध्य एशिया से सर्दियों में भारत आता है।
विवरण : नर पक्षी का सिर काला, पीठ भूरी और पेट चमकीला पीला होता है। मादा का रंग हल्का फीका होता है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड : जयपुर जिले में इससे पहले भी साल 2000 और 2015 के आसपास अंबेरी और मानसागर क्षेत्रों में यह पक्षी देखा गया था, लेकिन झालाना में यह पहली बार दर्ज हुआ है।
महत्व : वन अधिकारियों ने इसे अभयारण्य के बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत बताया। नई प्रजातियों का आना यह दर्शाता है कि झालना का वन क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध हो रहा है।

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