सुबोध महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय कांफ्रेस में हुआ तकनीकी-नवाचारों पर मंथन, अंतरराष्ट्रीय मल्टीडिसिप्लिनरी कॉन्फ्रेंस का समापन
बुद्धिमता के दौर में भी संस्कृति को पोषित करने की आवश्यकता पर बल दिया
सुबोध पीजी महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मल्टीडिसिप्लिनरी कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन हुआ। सम्मेलन में उभरती तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मानवाधिकार और सामाजिक प्रभावों पर चर्चा हुई। समापन सत्र में डॉ मनीषा अरोड़ा सहित विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।
जयपुर। सुबोध पीजी महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय ‘इन्टरनेशनल मल्टीडिसिप्लिनरी कांफ्रेंस इन्नोवेशन एंड ट्रांसफॉर्मेशन इन इमरजिंग टेक्नोलॉजीज रिसर्च एंड सस्टेनबल डवलपमेंट’ का सफल आयोजन हुआ। समापन सत्र के डोमेस्टिक एंड ओवरसीज राजस्थानी अफेयर्स के कमिश्नर डॉ मनीषा अरोड़ा, विशिष्ट अतिथि आईएससीबीए के वाईस प्रेसिडेंट प्रो महेश शर्मा, उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण रहे। कॉन्फ्रेंस के तीसरे तकनीकी सत्र में निधि सोढाणी, प्रो. विनोद भारद्वाज की अध्यक्षता में डॉ तुजा शर्मा ने अपराधों से जुड़े कानूनों एवं मानवधिकारों पर प्रकाश डाला। डॉ रोहित जैन ने सोशल मीडिया के समाज पर बढ़ते प्रभावों को रेखांकित करते हुए संस्कृति को अक्षुण्य रखने के लिए, इसके विवेकपूर्ण उपयोग की वकालत की।
प्रो.वाणी भटनागर, अनुराग लाल की अध्यक्षता में कृत्रिम बुद्धिमता पर आयोजित चौथे तकनीकी सत्र में वक्ताओं ने अपने विचार रखे। समापन पर कॉन्फ्रेंस की चेयरपर्सन एवं प्राचार्या डॉ.स्वाति जैन ने आगन्तुक सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद ज्ञापित कर आयोजन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सुबोध शिक्षा समिति के मानद सचिव एसएस बोथरा नें कॉन्फ्रेंस को बुद्धिजीवियों का मंच बताकर इसकी धरातलीय उपयोगिता को आवश्यक बताया। महाविद्यालय संयोजक डॉ राकेश हीरावत नें शोध, नवाचारों एवं कृत्रिम बुद्धिमता के दौर में भी संस्कृति को पोषित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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