यूरोपीय देशों का बड़ा फैसला: ड्रोन हमले के बाद साइप्रस की ओर भेजेंगे नौसेना, जानिए युद्ध में अब किसकी होगी एंट्री?
ईरान के ड्रोन हमलों के बाद इटली ने भेजी अपनी नौसेना
स्पेन और फ्रांस के नक्शेकदम पर चलते हुए अब इटली ने भी साइप्रस की सुरक्षा के लिए अपनी नौसेना भेजने का निर्णय लिया है। रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने पश्चिमी एशिया में बढ़ते ड्रोन हमलों के मद्देनजर मित्र देशों की सहायता की पुष्टि की। यूरोपीय देशों का यह संयुक्त सैन्य कदम क्षेत्र में ईरानी खतरों से निपटने और हवाई अड्डों की सुरक्षा हेतु उठाया गया है।
रोम। स्पेन, फ्रांस और नीदरलैंड्स के बाद अब इटली ने भी ईरान के ड्रोन हमलों के मद्देनजर आने वाले दिनों में साइप्रस की सुरक्षा के लिये द्वीप पर अपनी नौसेना भेजने का फैसला किया है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने गुरुवार को संसद को यह जानकारी दी। पश्चिमी एशिया को सैन्य मदद भेजने पर संसद में मतदान से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के पहले के सुझावों की पुष्टि की।
क्रोसेटो ने कहा, "हम अकेले देश नहीं हैं जो इस स्थिति का सामना कर रहे हैं और हम सभी को मदद के लिए निवेदन मिला है।" उन्होंने कहा, "हम मिलकर जांच कर रहे हैं, जिसमें ज़िम्मेदारी कैसे बांटनी है, यह भी शामिल है। हमें इस इलाके में अपनी स्थिति का फिर से आकलन करना होगा और मुश्किल में फंसे दोस्त देशों के निवेदन पर जवाब देना होगा।" इससे पूर्व, स्पेन के रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा कि वह साइप्रस की ओर एक फ्रिगेट भेजेंगे। यूनान और फ्रांस ने कहा कि वे सोमवार को ईरान में बने ड्रोन से ब्रिटिश विमान केन्द्र को निशाना बनाये जाने के बाद द्वीप पर मदद भेजेंगे।

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