खुद को आईएएस बता सरकारी नौकरी लगाने का झांसा दे 70 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार
विधानसभा के नाम के फर्जी कॉल लेटर जारी कर धोखाधड़ी
नौकरी लगाने के नाम पर मुख्य सरगना सुनित शर्मा और मोन्टू अपने गिरोह में इंटरव्यू लेने के लिए फर्जी आईएएस अधिकारी व फर्जी डॉक्टर को हायर करते थे।
जयपुर। मुरलीपुरा थाना पुलिस ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर 70 लाख की ठगी करने वाले एक फर्जी आईएएस को आगरा उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपित ने गिरोह के साथ मिलकर लोगों को विधानसभा एवं सचिवालय में सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर 70 लाख रुपए की ठगी की थी। इस गिरोह के मुख्य सरगना सुनित शर्मा उर्फ अभिषेक व मोन्टू मीणा को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। गैंग का मुख्य सरगना मोन्टू मीणा पूर्व में एसओजी में भी गिरफ्तार हो चुका है। अब तक गैंग सरकारी नौकरी का झांसा देकर 14 लोगों से ठगी कर चुका है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम अमित कुमार ने बताया कि दीपक जैन उर्फ आर के अग्रवाल(50) निवासी कमला नगर आगरा उत्तरप्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।
यह था मामला
परिवादी मानसिंह ने रिपोर्ट दी कि उसका भाई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था, जिसका सम्पर्क अनिल मीणा से हुआ। इसका साढू कमल किशोर मीणा उर्फ मोंटू मीणा व अभिषेक उर्फ सुनित शर्मा निवासी परमहंस कॉलोनी मुरलीपुरा से सम्पर्क कराया जिन्होंने विधानसभा व सचिवालय में वेकेन्सी निकालना बताते हुए अपनी ऊंची पहुंच बताकर नौकरी लगाने का झांसा देकर 14 लड़कों से 70 लाख रुपए हड़प लिए। इसके बाद विधानसभा के नाम के फर्जी कॉल लेटर जारी कर धोखाधड़ी की।
ऐसे देते थे झांसा: नौकरी लगाने के नाम पर मुख्य सरगना सुनित शर्मा और मोन्टू अपने गिरोह में इंटरव्यू लेने के लिए फर्जी आईएएस अधिकारी व फर्जी डॉक्टर को हायर करते थे। इन्होंने हर छात्र से 6-6 लाख रुपए लेकर फर्जी कॉल लेटर दिया और फर्जी आईएएस अधिकारी दीपक जैन उर्फ आर के अग्रवाल एवं डॉक्टर राजेन्द्र कुमार उर्फ रामलाल मीणा से मिलवाया। सरगना सुनित शर्मा, कमल किशोर मीणा हाल में न्यायिक अभिरक्षा में हैं। वहीं फर्जी आईएएस दीपक ने कबूल किया कि वर्ष 2021 में सचिवालय के पास स्थित स्टेच्यू सर्किल पर गैंग के सरगनाओं ने मुझे फर्जी आईएएस अधिकारी आर.के अग्रवाल बनाकर परिवादी से सचिवालय के पास मीटिंग करवाई।
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