विधानसभा में उठा मामला : दोषी अभियंता फील्ड पोस्टिंग से हटेंगे, जेजेएम में 206 की मिलीभगत
कार्रवाई की अनुमति दी
मिशन में भ्रष्टाचार के विभिन्न प्रकरणों में अब तक 12 गिरफ्तारियां हुई है। इनमें एक पूर्व मंत्री, तीन अभियंता, संवेदक व उनका स्टाफ शामिल है।
जयपुर। जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि जल जीवन मिशन से संबंधित भ्रष्टाचार प्रकरणों में अब तक 206 राजसेवकों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 68 राजसेवकों के विरद्ध कार्मिक विभाग की ओर से सीसीए नियम-16 के तहत आरोप पत्र जारी किए जा चुके हैं। साथ ही 23 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 18 अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अनुच्छेद 17 ए के अंतर्गत कार्रवाई की अनुमति दी गई है। मिशन में भ्रष्टाचार के विभिन्न प्रकरणों में अब तक 12 गिरफ्तारियां हुई है। इनमें एक पूर्व मंत्री, तीन अभियंता, संवेदक व उनका स्टाफ शामिल है।
इसके अतिरिक्त 53 संवेदकों तथा दो तृतीय पक्ष जांच एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इनसे 5.34 करोड़ की वसूली की गई है एवं 3.77 करोड़ की वसूली प्रक्रियाधीन है। चौधरी शुक्रवार को विधानसभा में बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में बोल रहे थे। सराफ ने कहा कि दोषी अभियंताओं की जांच इंजीनियरों से ही करवा ली गई, चार्जशीट वालों को पदोन्नति दी गई, फील्ड में पोस्टिंग है, साथ ही कुछ को चार्जशीट देने में जानबूझकर देरी की जा रही है। सूरजपुरा में जल शोधन संयंत्र की कमियों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि जो अधिकारी वास्तव में दोषी थे, उनको हम उन्हीं जगहों पर लगा रहे हैं, जहां पर टेक्निकल काम हो, मौके पर फिजीकली काम न हो।

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