केन्द्र सरकार ने शुरू की योजना : 18 जिलों में प्रक्रिया अधूरी, दुर्घटना में हुए घायलों को 7 दिन तक मिलेगा 1.5 लाख तक कैशलेस उपचार
रिजर्व बैंक में खाता खोलना जरूरी
सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं। केन्द्र सरकार ने 'कैशलेस ट्रीटमेंट फॉर रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम-2025' शुरू की है, जिसके तहत दुर्घटना में घायलों को अधिकतम 7 दिनों तक सरकारी और निजी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार।
जयपुर। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को अब इलाज के लिए पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। केन्द्र सरकार ने 'कैशलेस ट्रीटमेंट फॉर रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम-2025' शुरू की है, जिसके तहत दुर्घटना में घायलों को अधिकतम 7 दिनों तक सरकारी और निजी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। इस योजना में प्रति पीड़ित अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज किया जाएगा। हालांकि राजस्थान में जिला स्तर पर कुछ प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने के कारण योजना के क्रियान्वयन में देरी हो रही है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तुरंत उपचार मिल सके और पैसे के अभाव में किसी की जान न जाए। इस योजना का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना निधि से किया जाएगा। बीमित वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों में खर्च बीमा कंपनियां वहन करेंगी, जबकि बीमा रहित वाहनों और हिट एंड रन के मामलों में इलाज का खर्च केन्द्र सरकार के बजटीय समर्थन से दिया जाएगा। इसके लिए जिला कलक्टर की स्वीकृति आवश्यक होगी।
रिजर्व बैंक में खाता खोलना जरूरी
हालांकि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला कलक्टरों को कुछ तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाएं पूरी करनी हैं। इसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक में एक विशेष खाता खोलना और टीएमएस 2.0 तथा पीएफएमएस पोर्टल पर ऑनबोर्ड होना अनिवार्य किया गया है। प्रदेश के सभी 41 जिला कलक्टर टीएमएस 2.0 पोर्टल पर तो ऑनबोर्ड हो चुके हैं, लेकिन अभी तक 18 जिलों के कलक्टर पीएफएमएस पोर्टल पर ऑनबोर्ड नहीं हो पाए हैं। इन जिलों में जयपुर, फलौदी, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, डीडवाना-कुचामन, जोधपुर, सवाई माधोपुर, राजसमंद, बाड़मेर, खैरथल-तिजारा, भीलवाड़ा, कोटा, सलूम्बर, बालोतरा, सीकर, प्रतापगढ़ और ब्यावर शामिल हैं। इन जिलों में प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण फिलहाल दुर्घटना पीड़ितों को इस योजना का लाभ मिलने में देरी हो सकती है।
आयुक्त ने लिखा कलेक्टरों को पत्र
परिवहन विभाग ने इन सभी जिला कलक्टरों को पत्र लिखकर भारतीय रिजर्व बैंक में खाता खोलने और पीएफएमएस पोर्टल पर ऑनबोर्ड होने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आग्रह किया है। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने भी इस संबंध में सभी संबंधित जिलों को निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में यह प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

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