वृद्धों की सेवा अब बनेगी करियर का सुनहरा अवसर : राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में नए कोर्स की शुरुआत, युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार
शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल में दक्ष
देश में तेजी से बढ़ रही वृद्धजन आबादी और उनकी विशेष स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जेरियाट्रिक केयर असस्टिेंट के लिए 1 वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत। यह कोर्स आयुर्वेद आधारित समग्र देखभाल के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार।
जयपुर। देश में तेजी से बढ़ रही वृद्धजन आबादी और उनकी विशेष स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जेरियाट्रिक केयर असस्टिेंट (वृद्धावस्था देखभाल सहायक) के लिए 1 वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत की है। यह कोर्स आयुर्वेद आधारित समग्र देखभाल के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा। संस्थान के कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने बताया कि यह पाठ्यक्रम न केवल प्रशक्षिति बल्कि संवेदनशील केयर असस्टिेंट तैयार करेगा, जो वृद्धजनों की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल में दक्ष होंगे।
उन्होंने कहा कि भारत में बढ़ती बुजुर्ग आबादी के साथ इस क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में यह पहल समय की आवश्यकता है। कायचिकत्सिा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एच.एम.एल. मीणा के अनुसार, यह कोर्स 12 माह (48 सप्ताह) का होगा, जिसमें कुल 1296 घंटे का प्रशक्षिण दिया जाएगा। इसमें 144 घंटे सैद्धांतिक एवं 1152 घंटे व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशक्षिण शामिल रहेगा। प्रशक्षिण हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध होगा।

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