जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में बोले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा- प्रदेश की साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए प्रतिबद्ध
वृक्षों, पहाड़ों और नदियों को माना गया पूजनीय
भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की संस्कृति और साहित्य अद्वितीय। जहां वृक्षों, पहाड़ों और नदियों तक को पूजनीय माना गया। हमें अपनी इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आगे बढ़ना चाहिए, ताकि आने वाली पीढि़यां इससे प्रेरणा लें। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की संस्कृति और साहित्य अद्वितीय हैं। जहां वृक्षों, पहाड़ों और नदियों तक को पूजनीय माना गया है। हमें अपनी इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आगे बढ़ना चाहिए, ताकि आने वाली पीढि़यां इससे प्रेरणा लें। राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री गुरुवार को जेएलएन मार्ग स्थित होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ ) के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती सदियों से ज्ञान, कला और संस्कृति की संवाहक रही है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विचारों का उत्सव और ज्ञान का महासागर है, जो साहित्य के माध्यम से राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर उजागर करता है। आमेर का किला, हवा महल और प्रदेश की हर ऐतिहासिक धरोहर हमारी समृद्ध संस्कृति की जीवंत मिसाल है। पृथ्वीराज रासो राजस्थान की वीरगाथात्मक परंपरा का अनुपम उदाहरण है। विजयदान देथा, कन्हैयालाल सेठिया और कोमल कोठारी जैसे साहित्यकारों ने राजस्थान की साहित्यिक चेतना को नई ऊंचाइयां दी हैं।
पुस्तक पीढि़यों तक फैलाती है ज्ञान का प्रकाश
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के सम्मान में गुलदस्ते के स्थान पर पुस्तक भेंट करनी चाहिए, क्योंकि पुस्तक पीढि़यों तक ज्ञान का प्रकाश फैलाती है। साहित्य जीवन को समझने का नया दृष्टिकोण देता है और मनुष्य को संवेदना, करुणा व विनम्रता से जोड़ता है। इतिहास के हर दौर में साहित्य ने राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे वह स्वतंत्रता का आंदोलन हो, आपातकाल का दौर हो या युद्ध के समय सैनिकों का मनोबल बढ़ाना। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, जेएलएफ निदेशक नमिता गोखले, विलियम डेलरिंपल, टीमवर्क आर्ट्स के एमडी संजय रॉय सहित देश-विदेश के ख्यातनाम लेखक, साहित्यकार और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

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