आमेर महल : भोजनशाला में काशी, मथुरा और वृंदावन के घाटों की चित्रकारी का होगा संरक्षण कार्य
गणेशपोल, सिंहपोल, मानसिंह महल में बने फीके पड़े भित्ति चित्रों का भी लौटेगा स्वरूप
इस संरक्षण अभियान के तहत सिंहपोल, गणेशपोल, भोजनशाला और मानसिंह महल में बने प्राकृतिक रंगों से तैयार भित्ति चित्रों को संरक्षित किया जाएगा।
जयपुर। यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल जयपुर के आमेर महल के विभिन्न हिस्सों में भित्ति चित्रों के संरक्षण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। ताकि इसकी कला और स्थापत्य को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। इस संरक्षण अभियान के तहत सिंहपोल, गणेशपोल, भोजनशाला और मानसिंह महल में बने प्राकृतिक रंगों से तैयार भित्ति चित्रों को संरक्षित किया जाएगा। यह कार्य इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट (आईजीएनसीए) द्वारा किया जाएगा।
थर्मल स्कैनिंग से चलेगा सीलन और दरारों का पता
खास बात यह है कि संरक्षण कार्य में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। दीवारों की थर्मल स्कैनिंग हाईटेक मशीनों से की जाएगी। जिससे दीवारों में आने वाली सीलन, दरार या अन्य नुकसानों का सटीक पता लगाया जा सके। इसके आधार पर विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक तरीके से मरम्मत और संरक्षण किया जाएगा। इसके लिए एक्स रे फ्लोरो सेंस तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। भोजनशाला की दीवारों पर विशेष चित्रकारी बनी हुई है। जिसमें काशी, मथुरा और वृंदावन के घाटों को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है।

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