कागजों में उप अधीक्षक, कमान एएसआई और हैड कांस्टेबल के हाथ

नगर निगम व केडीए के अतिक्रमण निरोधक दस्ते के हैं हाल

कागजों में उप अधीक्षक, कमान एएसआई और हैड कांस्टेबल के हाथ

अधिकारियों का ट्रांसफर होने के बाद नहीं लगाए अधिकारी।

कोटा। राज्य के तीन बड़े व प्रमुख शहरों में शामिल और संभागीय मुख्यालय कोटा में नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की हालत ऐसी है कि यहां अतिक्रमण निरोधक दस्तों के लिए कागजों में पद तो पुलिस उप अधीक्षक के हैं लेकिन हकीकत में कमान एएसआई व हैड कांस्टेबल के हाथ में है।शहर का विकास व विस्तार होने के साथ ही कोटा विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। जिसमें करीब 289 गांवों को शामिल किया गया है। जिससे केडीए का दायरा तो बढ़ा ही है। वहीं शहर में भी आस-पास के क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है। नई-नई कॉलोनियां व क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। ऐसे में केडीए अधिकारियों को अब पता चल रहा है कि उनकी सैकड़ों बीघा जमीनों पर अतिक्रमण हो रहा है। जिसे चिन्हित कर हटाने की कार्यवाही की जा रही है।

उसी तरह से शहर के अंदरूनी क्षेत्रों व मुख्य मार्गों पर भी स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण हो रहा है। जिन्हें हटाने के लिए नगर निगम व केडीए में अतिक्रमण निरोधक दस्ते बने हुए हैं। इन दस्तों की कमान संभालने के लिए पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को लगाया हुआ हैै। लेकिन हालत यह है कि दोनों ही विभागों में अतिक्रमण निरोधक दस्ते के अधिकारियों के पद लम्बे समय से रिक्त चल रहे हैं।

केडीए में एएसआई के पास चार्ज
कोटा विकास प्राधिकरण जैसे महत्वपूर्ण विभाग में जिसके अधीन शहर की अधिकतर सरकारी जमीनें हैं। उस विभाग में अतिक्रमण निरोधक दस्ते में उप अधीक्षक का पद लम्बे समय से रिक्त है। यहां वर्तमान में एएसआई सत्य नारायण मीणा ही कमान संभाले हुए हैं।
केडीए बनने से पहले तत्कालीन नगर विकास न्यास में थानाधिकारी का पद था। जहां पूर्व में भगवत सिंह हिंगड़ कुछ समय तक रहे। उसके बाद केडीए बनने पर उप अधीक्षक का पद स्वीकृत हुआ। इस पद पर लम्बे समय तक आशीष भार्गव रहे। बाद में एएसपी महावीर शर्मा ने भी अतिक्रमण निरोधक दस्ते की कमान संभाली। लेकिन शर्मा का ट्रांसफर होने के बाद से अभी तक इस पद पर किसी अधिकारी को नहीं लगाया गया है। हालांकि कुछ समय के लिए एक पुलिस निरीक्षक आए थे लेकिन वे भी अधिक समय तक नहीं रहे। जिससे यह पद फिलहाल रिक्त है। दस्ते का काम एएसआई सत्य नरायण मीणा कर रहे हैं। उनके साथ जाब्ते में कुछ होमगार्ड लगाए हुए हैं। हालांकि अतिक्रमण हटाने के दौरान तहसीलदार व पटवारी और तनकीकी टीम भी रहती है। लेकिन कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारी के नहीं होने से कई तरह की परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। वैसे एएसआई सत्य नारायण मीणा व टीम द्वारा पिछले काफी समय से लगातार अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

नगर निगम में हैड कांस्टेबल
केडीए में एएसआई तो हैं लेकिन नगर निगम में तो हैड कांस्टेबल संजीव कुमार के पास ही अतिक्रमण निरोधक दस्ते की कमान है। यहां भी पुलिस उप अधीक्षक का पद स्वीकृत है। लेकिन यह पद भी काफी समय से रिक्त है। पूर्व में यहां पुलिस निरीक्षक के पद पर गंगा सहाय शर्मा समेत कई अधिकारी रह चुके हैं। बाद में उप अधीक्षक तरूण कांत सोमानी को लगाया गया था। वे लम्बे समय तक रहे। निगम में रहते हुए ही उनका प्रमोशन एएसपी के पद पर हो गया था। उसके बाद भी वे यहां की कमान संभाले हुए थे। लेकिन जब से सोमानी का ट्रांसफर हुआ है। उसके बाद से अभी तक यहां पुलिस अधिकारी को नहीं लगाया गया है। जबकि नगर निगम की ओर से शहर में लगातार अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं।
वैसे नगर निगम आयुक्त की ओर से सहायक अभियंता व एफओ स्तर के अधिकारियों को टीम में लगाया हुआ है। लेकिन जाब्ते में हैड कांस्टेबल संजीव कुमार व कुछ होमागर्ड ही लगे हुए हैं। जिससे अधिकारी की गैर मौजूदगी में कई तरह के विवाद होने पर उस समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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पांच जोन में होंगी पांच टीमें
कोटा में पहले दो नगर निगम थे। उस समय कोटा उत्तर में तो पुलिस अधिकारी को लगाया हुआ था लेकिन दक्षिण में फायरमैन को चार्ज दिया हुआ था। लेकिन अब एक निगम होने के बाद फिलहाल एक से दो जोन बनाए गए हैंं। लेकिन शीघ्र ही अतिक्रमण दस्ते को भी पांच जोन में बांटने की संभावना है। जिससे अतिक्रमण पर अधिक सख्ती से निगरानी व प्रभावी कार्रवाई हो सके।

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इनका कहना है
नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते में पुलिस उप अधीक्षक का पद स्वीकृत है। पूर्व में इस पद पर तरूण कांत सोमानी तैनात थे। लेकिन उनका प्रमोशन होने के बाद यहां से ट्रांसफर हो गया। उसके बाद अभी तक किसी को नहीं लगाया है। यह पद लम्बे समय से रिक्त है। फिलहाल हैड कांस्टेबल व होमगार्ड ही हैं। हालाकि अभी दो जोन में बांटकर सहायक अभियंता व अग्निशमन अधिकारी को प्रभारी लगाया है। लेकिन शीघ्र ही अतिक्रमण दस्ते को पांचों जोन में बांटकर जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही उनके साथ टीम रहेगी। जिससे वह वाहन के माध्यम से अतिक्रमण के खिलाफ मुनादी करते रहेंगे। जिससे लोग सचेत होकर अतिक्रमण नहीं कर पाएंगे।
- ओम प्रकाश मेहरा, आयुक्त, नगर निगम कोटा

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केडीए के अतिक्रमण निरोधक दस्ते में अधिकारी का पद लम्बे समय से रिक्त है। रिक्त पद की जानकारी सरकार को भेजी हुई है। लेकिन अभी तक किसी को नहीं लगाया गया है। फिलहाल एएसआई के साथ कुछ होमगार्ड लगे हुए हैं। हालांकि कार्रवाई के दौरान तहसीलदार व अन्य अधिकारी साथ रहते हैं। बड़ी कार्रवाई में एसपी के माध्यम से पुलिस अधिकारी व जाब्ता भी लिया जाता है।
- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव, कोटा विकास प्राधिकरण

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