कैलादेवी मेले के लिए अस्थायी बस परमिट पर रोक की मांग : पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में पहुंचते है श्रद्धालु, रोडवेज प्रशासन द्वारा पर्याप्त संख्या में बसों का होता है संचालन
नियमित परमिट के आधार पर संचालित होती हैं
कैलादेवी मेले (13 मार्च–3 अप्रैल) में निजी बसों के अस्थायी परमिट पर रोक की मांग। रोडवेज प्रशासन के अनुसार, अस्थायी बसें निगम को आर्थिक नुकसान। रोडवेज की बसें यूपी, एमपी समेत कई शहरों से नियमित चलती हैं।
जयपुर। भारत प्रसिद्ध कैलादेवी मेले के दौरान निजी बसों को दिए जाने वाले अस्थायी परमिट पर रोक लगाने की मांग की गई है। यह मेला 13 मार्च से 3 अप्रैल तक आयोजित होगा, जिसमें राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश सहित कई पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज प्रशासन द्वारा पर्याप्त संख्या में बसों का संचालन किया जाता है।
रोडवेज की बसें आगरा, मथुरा, ग्वालियर, मुरैना, करौली, गंगापुर और हिंडौन सिटी सहित कई प्रमुख स्थानों से कैलादेवी के लिए चलाई जाती हैं। इसके अलावा यूपी रोडवेज और मध्य प्रदेश परिवहन की बसें भी नियमित परमिट के आधार पर संचालित होती हैं। हालांकि निजी बस संचालक मेले के दौरान अस्थायी परमिट जारी कराकर बसों का संचालन करते हैं। रोडवेज प्रशासन का कहना है कि इससे निगम को आर्थिक नुकसान होता है। इस संबंध में रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने परिवहन आयुक्त को पत्र लिखकर मेले की अवधि में अस्थायी परमिट जारी नहीं करने की मांग की है। खास बात यह है कि वर्तमान में परिवहन आयुक्त का पद भी पुरुषोत्तम शर्मा के पास ही है।

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